छिंदवाड़ा में कानून बेबस? पीड़ित परिवार ने कलेक्टर-SP से लगाई गुहार , वर्दी की लापरवाही या दबाव की राजनीति? सोशल वीडियो ने खोली पोल।
मेट्रो सिटी मीडिया डेस्क ।
छिंदवाड़ा | संस्कारधानी के कुंडीपुरा थाना अंतर्गत धरमटेकरी चौकी क्षेत्र से खाकी को शर्मसार करने वाला मामला प्रकाश में आया है। यहाँ एक पीड़ित परिवार न्याय की आस में दर-दर भटकने को विवश है। पुलिस की कार्यप्रणाली से क्षुब्ध होकर सारना निवासी परिवार ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में दस्तक दी और लिखित परिवाद सौंपकर इंसाफ की गुहार लगाई।
- विवाद की जड़: मनचलों की अश्लील हरकतें
घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में एक नाबालिग बालिका के साथ हुई छेड़खानी है। आरोप है कि क्षेत्र के कुछ अराजक तत्व बालिका को विद्यालय और ट्यूशन जाते समय मार्ग में रोककर अभद्र टिप्पणियां करते थे। जब बालिका के भाई ने, जो भोपाल से घर आया था, इन युवकों को समझाने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने सुधरने के बजाय हिंसक रूप अख्तियार कर लिया।
- दोहरा हमला: पत्थरों की बौछार से दहल उठा परिवार
पीड़ित पक्ष के अनुसार, 28 दिसंबर की प्रातः अभिषेक और आलोक जब गंतव्य की ओर प्रस्थान कर रहे थे, तभी अमन खत्री नामक युवक अपने 10 अन्य साथियों के साथ उनके निवास पर आ धमका और गाली-गलौज करते हुए प्राणघातक हमला कर दिया।
इतना ही नहीं, उसी रात्रि आरोपियों के एक बड़े समूह ने पुनः धावा बोला और जमकर प्रस्तर वर्षा (पत्थरबाजी) की। इस हमले में घर के बाहर खड़े वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और पत्थर लगने से नाबालिग बहन सहित घर के अन्य सदस्य लहूलुहान हो गए।
पुलिस की भूमिका: ‘सामान्य विवाद’ बताकर पल्ला झाड़ने का आरोप
इस पूरे प्रकरण में पुलिस की भूमिका संदेहास्पद नजर आ रही है। पीड़ितों का आरोप है कि:
शिकायत की अनदेखी: पुलिस ने घटना को गंभीरता से लेने के बजाय इसे महज एक सामान्य विवाद बताकर मामला दर्ज किया।
MLC में लापरवाही: मारपीट के उपरांत चिकित्सकीय परीक्षण (MLC) हेतु कोई आरक्षक साथ नहीं भेजा गया, जिससे महत्वपूर्ण साक्ष्य संकलन में बाधा आई।
चौकी में बहस: सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में पीड़ित युवक चौकी प्रभारी से मेडिकल जांच को लेकर सवाल पूछता नजर आ रहा है, जहाँ पुलिस का रवैया टालमटोल वाला प्रतीत होता है।
- न्याय की प्रतीक्षा
वर्तमान में, पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक (SP) और जिला कलेक्टर से भेंट कर साक्ष्यों के साथ शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस ‘वर्दी पर दाग’ लगाने वाली घटना में क्या कदम उठाता है।

















