छिंदवाड़ा : अयोध्या राम मंदिर निर्माण के दो वर्ष पूर्ण, छिंदवाड़ा में होगा ऐतिहासिक सांस्कृतिक साक्षात्कार।

छिंदवाड़ा। मेट्रो सिटी मीडिया डेस्क|
राम मंदिर निर्माण के दो वर्ष पूर्ण होने के पावन अवसर पर छिंदवाड़ा नगर पहली बार एक ऐसे सांस्कृतिक आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है, जो अब तक राष्ट्रीय महानगरों और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक सीमित रहा है। 28 जनवरी 2026 को पोला ग्राउंड में सायं 7 बजे से रात्रि 10 बजे तक “जय श्री राम – लाइव रामायण मंचन” का आयोजन किया जाएगा, जिसे ऐतिहासिक और विशिष्ट माना जा रहा है।
इस आयोजन का नेतृत्व चौरे सिनेमा कंपनी द्वारा किया जा रहा है, जबकि सामाजिक-सांस्कृतिक क्षेत्र में सक्रिय जय हो फाउंडेशन सहयोगी संस्था के रूप में सहभागी है। आयोजकों के अनुसार यह प्रस्तुति केवल एक नाट्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारतीय सनातन परंपरा, आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत का सशक्त मंचन है, जिसे आधुनिक तकनीक और अनुशासित प्रस्तुति शैली के साथ प्रस्तुत किया जाएगा।
लाइव रामायण मंचन में फिल्म एवं रंगमंच जगत के प्रतिष्ठित कलाकार अपने-अपने चरित्रों को सजीव रूप में प्रस्तुत करेंगे। श्री पुनीत इस्सर महाज्ञानी रावण की भूमिका में, श्री बिंदु दारा सिंह पवनपुत्र हनुमान के रूप में तथा श्री सिद्धांत इस्सर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की भूमिका निभाएंगे। इन पात्रों के माध्यम से दर्शकों को रामकथा के मूल्यों, मर्यादा और कर्तव्यबोध की अनुभूति कराई जाएगी।
उल्लेखनीय है कि यह मंचन इससे पूर्व अमेरिका सहित कई देशों में सफलतापूर्वक प्रस्तुत किया जा चुका है। सामान्यतः इस स्तर के अंतरराष्ट्रीय मानकों वाले आयोजन बड़े महानगरों में ही आयोजित होते रहे हैं, किंतु छिंदवाड़ा में इसका आयोजन यह संकेत देता है कि अब सांस्कृतिक चेतना का केंद्र केवल महानगरों तक सीमित नहीं रहा। यह आयोजन नगर की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई प्रदान करेगा।
दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बैठक व्यवस्था को VVIP, VIP, गोल्डन एवं जनरल श्रेणियों में विभाजित किया गया है। आयोजकों के अनुसार प्रवेश पास 21 जनवरी से “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर वितरित किए जाएंगे। जिले सहित आसपास के क्षेत्रों में इस आयोजन को लेकर उत्साह और जिज्ञासा का वातावरण स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है।
आयोजकों ने नगरवासियों, सामाजिक संगठनों एवं मीडिया से अपील की है कि वे इस सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आयोजन में सहभागिता कर इसे सफल बनाएं। यह मंचन न केवल वर्तमान पीढ़ी के लिए अनुभव बनेगा, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए सांस्कृतिक विरासत के रूप में स्मरणीय रहेगा।

















