छिंदवाड़ा में सफाई कर्मचारियों का काम बंद आंदोलन: दो माह का वेतन लंबित, नियमितीकरण की मांग पर कलेक्ट्रेट घेराव।
छिंदवाड़ा मेट्रो सिटी मीडिया डेस्क |
छिंदवाड़ा। नगर पालिका छिंदवाड़ा के सफाई कर्मचारियों ने बुधवार को लंबित वेतन भुगतान और नियमितीकरण की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर काम बंद हड़ताल करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। मध्यप्रदेश श्रमजीवी सफाई कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारियों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें पिछले दो माह से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है, जबकि तीसरे माह का वेतन भी अटका हुआ है। वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। दैनिक जरूरतों से लेकर बच्चों की पढ़ाई और घरेलू खर्च तक प्रभावित हो रहे हैं, बावजूद इसके नगर पालिका प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई।
ज्ञापन में कर्मचारियों ने मांग रखी कि लंबित वेतन का तत्काल भुगतान किया जाए, साथ ही वरिष्ठता के आधार पर रिक्त चतुर्थ श्रेणी पदों पर समायोजन किया जाए। इसके अलावा रोजाना वेतनभोगी सफाई कर्मचारियों को नियमित करने और संविदा कर्मचारियों को वरिष्ठता के आधार पर रिक्त पदों पर भर्ती किए जाने की भी मांग शामिल है।
संघ के प्रदेश महामंत्री नीरज वाल्मीकि ने बताया कि वेतन न मिलने की स्थिति में सफाई कर्मचारी हड़ताल पर जाने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इतनी गंभीर परिस्थिति के बावजूद नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों ने न तो कर्मचारियों से संवाद किया और न ही उनकी समस्याओं पर कोई सुनवाई की गई, जिससे आक्रोश लगातार बढ़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास का माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण रहा। पुलिस बल मौके पर तैनात रहा और स्थिति पर नजर रखी गई। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि यदि शीघ्र भुगतान और नियमितीकरण को लेकर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को जिला स्तर से आगे बढ़ाया जाएगा।
सफाई व्यवस्था से जुड़े इस आंदोलन का सीधा असर शहर की स्वच्छता और जनस्वास्थ्य पर पड़ सकता है। आम नागरिकों में भी इसे लेकर चिंता देखी जा रही है, क्योंकि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल लंबी चली तो नगर की व्यवस्थाएं प्रभावित होना तय माना जा रहा है।


















