छिंदवाड़ा जीआरपी की बड़ी सफलता , बैग की चेन खोलकर उड़ाते थे जेवर, मुख्य सरगना सहित 7 गिरफ्तार।

🔴 छिंदवाड़ा मेट्रो सिटी मीडिया डेस्क |
छिंदवाड़ा में शासकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने चलती ट्रेनों में ट्रॉली बैग की चेन खोलकर जेवरात चोरी करने वाले संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। 14 फरवरी 2026 को ट्रेन क्रमांक 58823 छिंदवाड़ा–नैनपुर पैसेंजर में हुई चोरी की घटना के बाद शुरू हुई जांच में 2 मार्च 2026 तक मुख्य सरगना सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
प्रकरण के अनुसार 15 फरवरी 2026 को फरियादी ममता साहू (45 वर्ष), निवासी भीमगढ़ कॉलोनी, जिला सिवनी ने जीआरपी थाना छिंदवाड़ा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 14 फरवरी को छिंदवाड़ा से सिवनी की यात्रा के दौरान जनरल कोच में अज्ञात बदमाशों ने उनके ट्रॉली बैग की चेन खोलकर ज्वेलरी बॉक्स चोरी कर लिया। बॉक्स में लगभग डेढ़ तोला वजनी सोने का हार था, जिसकी अनुमानित कीमत ₹45,000 बताई गई। शिकायत पर अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।
रेल पुलिस जबलपुर के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्य, आसूचना संकलन और संदिग्ध गतिविधियों के विश्लेषण के आधार पर 24 फरवरी 2026 को पांच आरोपियों—भूरे खान (अलीगढ़), देवेन्द्र (फिरोजाबाद), प्रेमदास जाटव (हाथरस), संत सिंह जाटव (आगरा) और हुदेश कुमार (एटा)—को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे संगठित तरीके से चलती ट्रेनों में बैग की चेन खोलकर कीमती सामान निकालते थे।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि चोरी किया गया सोने का हार गिरोह के मुख्य सरगना जुगेंद्र जाटव, निवासी फिरोजाबाद (उ.प्र.) को सौंपा गया था। 27 फरवरी 2026 को जुगेंद्र जाटव को भी गिरफ्तार कर लिया गया। उसके कब्जे से ₹7,600 बरामद किए गए। आगे की कार्रवाई में 2 मार्च 2026 को मोहनलाल जाटव, निवासी एटा (उ.प्र.) को पकड़ा गया, जिसके पास से ₹4,000 जब्त किए गए। आरोप है कि चोरी का हार बेचने की साजिश इसी नेटवर्क के माध्यम से की जा रही थी।
जीआरपी के अनुसार अब तक कुल ₹19,700 नकद तथा तीन कीपैड और तीन टच मोबाइल फोन (कुल 6 मोबाइल, अनुमानित कीमत ₹45,000) बरामद किए गए हैं। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय छिंदवाड़ा में प्रस्तुत किया गया, जहां से विधिक प्रक्रिया जारी है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक गिरफ्तार व्यक्तियों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के विभिन्न थानों में चोरी, लूट, मारपीट तथा अन्य आपराधिक प्रकरण पूर्व से दर्ज हैं। इससे गिरोह की सक्रियता और अंतरराज्यीय नेटवर्क की पुष्टि होती है।
कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अरुणा वाहने, उपनिरीक्षक आर.एल. उइके, आरक्षक सागर उपाध्याय सहित सायबर सेल जबलपुर और आरपीएफ स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जीआरपी अधिकारियों का कहना है कि ट्रेनों में सक्रिय ऐसे गिरोहों पर निगरानी और सघन अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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