सांसद बंटी विवेक साहू के प्रयास सफल,कृषि को लाभकारी बनाने की दिशा में 500 करोड़ का निर्णायक निवेश।

छिंदवाड़ा मेट्रो सिटी मीडिया डेस्क|
छिंदवाड़ा। मध्यप्रदेश के मुख्य बजट में छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसे क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण वित्तीय स्वीकृति माना जा रहा है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार यह राशि सांसद बंटी विवेक साहू के प्रयासों के बाद स्वीकृत हुई, जिन्होंने इस परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से औपचारिक मुलाकात कर बजट आवंटन की मांग रखी थी। स्वीकृति के साथ ही जिले में सिंचाई और पेयजल संरचना को गति मिलने की प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी दी गई है।
जारी जानकारी के मुताबिक छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स के तहत बांध निर्माण और जल संरचनाओं के विकास को तेज किया जाएगा, जिससे दोनों जिलों में पेयजल आपूर्ति मजबूत होने के साथ लगभग 5 लाख एकड़ कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित है। शासन की प्राथमिकता के अनुरूप इस परियोजना को कृषि उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आय सुदृढ़ करने की दीर्घकालिक योजना से जोड़ा गया है। यह पहल केंद्र सरकार की उस नीति के अनुरूप बताई जा रही है, जिसमें खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाने पर जोर दिया गया है, जिसका उल्लेख प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कृषि दृष्टि से भी जुड़ा बताया गया है।
मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा तैयार प्रारूप के अनुसार जिले में पांच बड़ी जल योजनाओं की रूपरेखा पहले से तैयार है। इन योजनाओं के क्रियान्वयन से दोनों जिलों के 6 नगर और 1,155 गांवों में पेयजल समस्या के समाधान की संभावना जताई गई है। समूह जल प्रदाय योजना के अंतर्गत परासिया, न्यूटन चिखली, चांदामेटा और बड़क़ुही नगर सहित परासिया, जामई और तामिया क्षेत्र के लगभग 385 गांवों को लाभ मिलने का दावा किया गया है। वहीं ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजनाओं में अमरवाड़ा, हर्रई, तामिया, बिछुआ, सौंसर और पांढुर्ना क्षेत्र के सैकड़ों गांवों को चरणबद्ध तरीके से शामिल किया गया है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार इस बजट स्वीकृति का सीधा प्रभाव जल संकट वाले क्षेत्रों पर पड़ेगा, जहां लंबे समय से सिंचाई संसाधनों और पेयजल आपूर्ति की कमी एक प्रमुख समस्या रही है। परियोजना के क्रियान्वयन से कृषि क्षेत्र में उत्पादन क्षमता बढ़ने, फसल विविधीकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में स्थिरता आने की संभावना व्यक्त की जा रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, संगठन पदाधिकारियों और क्षेत्रवासियों ने बजट प्रावधान को विकासात्मक कदम बताते हुए मुख्यमंत्री और सांसद के प्रति आभार व्यक्त किया है।
विश्लेषण के दृष्टिकोण से यह परियोजना न केवल जल प्रबंधन बल्कि कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में रणनीतिक निवेश मानी जा रही है, जिससे दीर्घकाल में किसानों की निर्भरता वर्षा पर कम हो सकती है और जल सुरक्षा ढांचे को संस्थागत मजबूती मिल सकती है।
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