छिंदवाड़ा में सनसनी: पैसों के विवाद में दोस्त बने कातिल गमछे से घोंटकर की हत्या शव सड़क किनारे फेंका।

छिंदवाड़ा जिले के चौरई थाना क्षेत्र में 8 मार्च 2026 को सिवनी-छिंदवाड़ा मार्ग स्थित चोरगांव ब्रिज के पास मिले शव के मामले में पुलिस ने सुनियोजित हत्या का खुलासा किया है। मृतक की पहचान कृष्णकुमार वर्मा (35), निवासी हिवरखेड़ी के रूप में हुई, जिसके गले पर रस्सी जैसे निशान पाए गए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि मौत गला दबाकर दम घोंटने से हुई। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 231/26, धारा 103(1) BNS के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच में सामने आया कि हत्या की साजिश 5 मार्च को ही रच ली गई थी। मुख्य आरोपी अखिलेश वर्मा और उसके साथियों ने पैसों के लेन-देन के विवाद को लेकर कृष्णकुमार को रास्ते से हटाने का निर्णय लिया। 7 मार्च की रात करीब 9 बजे आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से अलग-अलग वाहनों से सिहोरा ढाबा क्षेत्र में एकत्रित होकर मृतक को बहाने से अपने साथ लिया। इसके बाद चोरगांव रोड के सुनसान इलाके में रात करीब 10:30 बजे सभी आरोपी इकट्ठा हुए और मौके का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी चंद्रकांत उर्फ चंदू वर्मा ने कार में रखा सफेद गमछा निकालकर मृतक के गले में फंदा डाला, जबकि अखिलेश वर्मा और शुभम वर्मा ने दूसरी ओर से खींचकर गला घोंट दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपियों ने शव को काले रंग की XUV कार में डालकर चोरगांव ब्रिज के पास फेंक दिया और पहचान भटकाने के लिए मृतक की मोटरसाइकिल भी वहीं लाकर छोड़ दी। इसके बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, घटनास्थल निरीक्षण और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे मामले का खुलासा करते हुए अखिलेश वर्मा, शुभम उर्फ शिवा वर्मा, चंद्रकांत उर्फ चंदू वर्मा और मनोज विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त गमछा, स्कॉर्पियो वाहन (MP 42 BC 0876) और XUV 3XO कार जब्त की गई है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जिला जेल छिंदवाड़ा भेज दिया गया है, जबकि दो अन्य आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं।
इस पूरे प्रकरण में मध्य प्रदेश पुलिस की चौरई थाना टीम और साइबर सेल की सक्रिय भूमिका रही, जिसमें निरीक्षक मोहन सिंह मर्सकोले सहित कई अधिकारियों ने साक्ष्य जुटाने और आरोपियों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। घटना के खुलासे के बाद क्षेत्र में फैली दहशत कुछ हद तक कम हुई है, लेकिन इस वारदात ने स्थानीय स्तर पर आपसी विवादों के हिंसक रूप लेने पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
( फॉलो कीजिए @METROCITYMEDIA.IN इंस्टाग्राम पर )


















