शिक्षा विभाग में जाहिल शिक्षक, छोटे भाई के मकान पर कब्जा कर उसे घर से निकाला, नगर निगम ने लगाई निर्माण पर रोक, पुलिस ने दर्ज किया आपराधिक मामला
घर के बाहर लगाता है ताला अंदर करवाता है मजदूरों से निर्माण

♦छिन्दवाड़ा मध्यप्रदेश –
छिन्दवाड़ा के शिक्षा विभाग में एक जाहिल शिक्षक ने अपने छोटे भाई के मकान में कब्जा कर उसे ही घर से निकाल दिया है और अपने लिए मकान बनवा रहा है। शिकायत पर नगर निगम ने निर्माण और रोक लगाई है। वही कोतवाली पुलिस ने शिक्षक के खिलाफ दूसरे की संपत्ति पर अवैध कब्जा करने के साथ ही जान से मारने की धमकी देने का अपराध दर्ज किया है। आरोपी शिक्षक का नाम आरिफ अंसारी है जो शिक्षा विभाग के कुकड़ा संकुल के ग्राम झंडा के माध्यमिक स्कूल में शिक्षक है।
जब यह शिक्षक ऐसा है तो जाने बच्चों को क्या पढ़ाता होगा कि अपने ही सगे भाई से दुश्मनी रखो।। उसकी संपत्ति पर कब्जा कर जान से मारने की धमकी दो और उसे ही उसके घर से निकाल दो। किसी की बात मत मानो। बस मनमानी करो। हाजिरी लगवाकर मोटी तनख्वाह लो और ऐश करो।
शिक्षक के पास ना जमीन की रजिस्ट्री है ना ही मकान निर्माण की अनुमति ऐसे में नगर निगम ने मकान के निर्माण पर रोक लगा दी है। मामला शहर के रॉयल चौक का है। यहां रहने वाला आसिफ अंसारी पत्नी सहित दो माह की हज यात्रा पर गया था । तब उनकी गैर मौजूदगी में उनके बड़े भाई पेशे से शिक्षक आरिफ अंसारी और छोटे भाई इरफान अंसारी ने जबरन उनके मकान में कब्जा कर लिया है।
आरिफ अंसारी ने आसिफ अंसारी का मौजूदा मकान तोड़कर अपने लिए मकान बनवा रहा है। आसिफ अंसारी की डिस्पेंसरी और घर – गृहस्थी के सामान का कोई अता – पता नही है। जब हज यात्रा से आसिफ अंसारी लौटा तो उसे उसके घर मे ही घुसने नही दिया गया। उनके घर मे तोड़ – फोड़ के बाद दीवारें बना दी गई कि आसिफ अंसारी के लिए अपने ही मकान में जाने का कोई जगह ही नही है। हज यात्रा से लौटकर वह अपना मकान होते हुए भी रिश्तेदारों के घर रहने को मजबूर है। माना कि भाई – भाई का कोई विवाद है तो आरिफ को आसिफ के मौजूद रहते सब कुछ कराना था। उसके दो माह के लिए हज पर जाने के बाद उसकी गैर मौजूदगी में ही मकान तोड़कर बनवाना एक तो चोरी ऊपर से सीनाजोरी का भी मामला है। आरिफ अंसारी बताए कि अब आसिफ कहा डिस्पेंसरी चलाएगा कैसे रोजी – रोटी कमाकर बीवी – बच्चों को पालेगा और बीवी बच्चों के साथ कहा रहेगा। उसकी डिस्पेंसरी और घर गृहस्थी का सामान कहा है।
बिना अनुमति करवा रहा मकान का निर्माण ..
नगर निगम ने यह मामला संज्ञान में लिया तो पता चला कि अवैध कब्जा और निर्माण कराने वाले आरिफ अंसारी के पास ना जमीन की रजिस्ट्री है ना ही मकान निर्माण की नगर निगम से ली गई कोई अनुमति। ऐसे में नगर निगम कमिश्नर सी पी राय ने निर्माण पर रोक लगा दी है। निगम कमिश्नर ने इसआरिफ अंसारी को धारा 293 में नोटिस जारी कर रजिस्ट्री और अनुमति के कागज मांगे है। इसके लिए उन्हें तीन दिन का समय दिया गया है। यदि वे नगर निगम कार्यालय में कागजात पेश नही करते है तो उनके द्वारा किया अवैध निर्माण तोड़ा जाएगा।
पीड़ित आसिफ अंसारी ने बताया कि वह रजिस्टर्ड मेडिकल प्रक्टिसनर है। घर से ही सामान्य रोग उपचार की डिस्पेंसरी चलाता है। बड़े भाई आरिफ अंसारी ने मेरे सुने में घर का बरामदा सहित डिस्पेंसरी और अन्य कमरे तोड़कर अवैध निर्माण किया है। घर मे अब ना मेरी डिस्पेंसरी है ना ही रहने की जगह। मेरी रोजी – रोटी से लेकर घर तक बड़े भाई ने तहस – नहस कर दिया है। मुझे घर मेरे ही घर मे घुसने तक नही दे रहा है। मैं हज यात्रा से आने के बाद बाहर ही घूम रहा हूँ। अपनी पत्नी और दो नाबालिग बेटों के साथ दर – दर की ठोकर खा रहा हूँ। मेरा बड़ा भाई मेरे नाबालिग बच्चो पर तक रहम नही खा रहा है। मेरे सुने में मेरे बच्चों के सरंक्षण की जगह उन्हें मारपीट कर धमका कर घर से निकाल देता है। अपनी बेटी से थाना में झूठी रिपोर्ट लिखवाता है कि मेरे बच्चे हैरेसमेंट कर रहे है।
आसिफ ने पिता के इंतकाल के बाद खरीदी थी जमीन ..
आसिफ अंसारी ने बताया कि मेरे पिता मोहम्मद इस्माइल अंसारी के इंतकाल 1970 में हो गया था। इसके बाद मैंने ही मकान बनाने के लिए रॉयल चौक में वेद प्रकाश चौरसिया से सन 1997 में जमीन खरीदी थी। उस समय मैंने अपनी माँ अजबनूर बी के नाम से रजिस्ट्री कराई थी। मकान बनवाया था। मेरी माँ ने इंतकाल से पहले मेरे मकान की वसीयत मेरे नाम से कर दी थी ताकि भाईयो का हिस्सा बटवारा का विवाद ना रहे। यह कोई पैतृक संपत्ति नही है। जो भाई बटवारा हो ।मुझे पता चला है कि शिक्षक आरिफ अंसारी ने मेरी जानकारी के बगैर सांठ गांठ कर जमीन के राजस्व रिकार्ड में हेरा – फेरी करवाई है। इसकी जांच के लिए भी मैन आवेदन दिया है।
कोतवाली पुलिस ने शिक्षक के खिलाफ दर्ज किया अपराध
कोतवाली पुलिस ने शिक्षक आरिफ अंसारी के विरुद्ध धारा 294,427,506,34 भादवि में आपराधिक मामला दर्ज किया है। आसिफ अंसारी ने बताया कि मेरे पत्नी सहित हज यात्रा पर जाने के बाद घर पर मेरे नाबालिक पुत्र तनवीर और रहबर घर पर थे जिसे शिक्षक आरिफ अंसारी ने मारपीट कर घर से निकाला और मकान तोड़कर बनवाना शुरू किया था। रिपोर्ट पर पुलिस ने आरिफ के खिलाफ आपराधिक मामला बनाया है लेकिन अब तक गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश नही किया है। आरिफ घर के सामने वाले कमरे में ताला डालकर रखता है।। ताकि कोई भी आए तो समझे कि घर मे कोई नही है जबकि आरिफ और उसकी पत्नी घर के अंदर निर्माण कार्य करा रहे है। जो अब भी चल रहा है।
आरिफ पिता की मौत के बाद अनुकम्पा नियुक्ति में बना सरकारी शिक्षक ..
आसिफ अंसारी ने बताया कि मेरे पिता इस्माइल अंसारी जिला चिकित्सालय में वर्क्सिनेटर थे। जिनका इंतकाल 1970 में हो गया था। उनके इंतकाल के परिवार के भरण – पोषण की शर्त पर जिला प्रशासन ने शिक्षा विभाग में सहायक शिक्षक के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति दी थी। लेकिन सर्विस मिलने के बाद आरिफ ने शादी कर ली और परिवार को छोड़ वह केवल अपने बीवी – बच्चों का ही पालन कर रहा है। उसने परिवार के नाते छोटे भाइयों का भरण पोषण नही किया। अनुकम्पा नियुक्ति की शर्तों का उलंघन किया है। शिक्षा विभाग के मिलने वाले वेतन से उसने अपने ससुराल में संपत्ति बनाई है और यहां छिन्दवाड़ा में रहने के लिए मेरे मकान पर कब्जा कर लिया है। कब्जे के लिए उसने छोटे भाई इरफान को भी हमराह कर लिया है। शिक्षा विभाग को अनुकम्पा नियुक्ति के इस मामले का नियमो के तहत संज्ञान लेकर शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई और उसकी अवैध गतिविधि पर रोक लगाना चाहिए।

















