लोकायुक्त ने जुन्नारदेव के दातलावाड़ी में 20 हजार की रिश्वत लेते वैटनरी डॉक्टर को किया ट्रेप
गौ - सेवक को प्रोत्साहन राशि का भुगतान करने मांगी थी रिश्वत

♦छिन्दवाडा मध्यप्रदेश –
छिन्दवाडा रिश्वतखोर और भृष्ट अधिकारियों- कर्मचारियों का चारागाह बनता जा रहा है। दस दिन पहले ही लोकायुक्त ने यहां छिन्दवाडा तहसील में एक पटवारी राधेश्याम चौरिया को 35 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था कि आज फिर पशु चिकित्सा विभाग का एक डॉक्टर 20 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा गया है। रिश्वत खोर डॉक्टर डाक्टर योगेश कुमार सेमिल पिता शिवराम सेमिल उम्र 35 वर्ष पशु चिकित्सा अधिकारी पशु चिकित्सालय जुन्नारदेव के दातलावाड़ी में पदस्थ है। डॉक्टर के समक्ष आवेदक सुरेश यदुवंशी पिता दुलीराम यदुवंशी उम्र 39 वर्ष गौ सेवक निवासी ग्राम जमकुंडा तहसील जुन्नारदेव ने 45 हजार की प्रोत्साहन राशि के भुगतान का आवेदन पेश किया था। गौ – सेवक को शासन ने कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम में कार्य के लिए 45 हजार रुपए की राशि स्वीकृत की थी।
इस राशि के भुगतान के लिए डॉक्टर ने कमीशन के तौर 25 हजार रिश्वत मांगी थी। आवेदक के बार – बार निवेदन के बाद भी डाक्टर राशि भुगतान को तैयार नही हुआ तब मय प्रमाण के आवेदक ने लोकायुक्त को शिकायत की थी। लोकायुक्त ने इस रिश्वतखोर डाक्टर को रंगे हाथों ट्रेप करने का जाल बुना और आज आवेदक को 20 हजार रुपए लेकर डाक्टर के दफ्तर दातलावाड़ी भेजा था। यहाँ डाक्टर ने जैसे ही 20 हजार रुपए रिसीव किए लोकायुक्त के दल ने डॉक्टर को ट्रेप कर लिया। डॉक्टर को रंगे हाथों पकड़ने के बाद उसके खिलाफ भ्र्ष्टाचार निरोधी अधिनियम में अपराध पंजीबद्ध कर डिपार्टमेंट को सूचना दे दी गई है।
कार्रवाई के लिए जबलपुर से लोकायुक्त पुलिस के इंस्पेक्टर कमल सिंह उईके, इंस्पेक्टर मंजू किरण तिर्की, इंस्पेक्टर नरेश बेहरा सहित अन्य 5 सदस्य जुन्नारदेव के दातलावाड़ी पहुंचे थे। इंस्पेक्टर कमल सिंह उइके ने बताया कि पशु चिकित्सा विभाग के डॉक्टर योगेश कुमार सेमिल को उनके ही कार्यालय में गौ – सेवक सुरेश यदुवंशी को 45 हजार की प्रोत्साहन राशि भुगतान के एवज में 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया है।

















