छिंदवाड़ा ताज़ा मामला : पारिवारिक झगड़े ने ली जान , लकड़ी से पीट-पीटकर पिता की हत्या।
ग्राम दवाझिर में सनसनीखेज वारदात, आरोपी गिरफ्तार
छिंदवाड़ा | चांद थाना क्षेत्र
थाना चांद अंतर्गत ग्राम दवाझिर में पारिवारिक विवाद ने दिल दहला देने वाला रूप ले लिया, जहां एक पुत्र ने अपने ही पिता की बेरहमी से हत्या कर दी। घटना 29 दिसंबर की बताई जा रही है, जिसने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम दवाझिर निवासी फरियादिया महिला द्वारा पुलिस को सूचना दी गई कि उसके बड़े पुत्र महावीर सिंह इवनाती की मृत्यु के पश्चात वह अपने पति शंकर इवनाती के साथ निवास कर रही थी। 29 दिसंबर की रात लगभग 8 बजे उसे जानकारी मिली कि उसके छोटे पुत्र जयसिंह इवनाती ने पिता शंकर इवनाती के साथ मारपीट की है।
सूचना की तस्दीक हेतु जब परिजन मौके पर पहुंचे तो देखा कि शंकर इवनाती घर के भीतर जमीन पर अचेत अवस्था में पड़े थे, जिनके ऊपर चादर ढकी हुई थी। पूछताछ में बहू ने बताया कि दिन में लगभग 4 बजे घरेलू विवाद के दौरान जयसिंह इवनाती ने गाली-गलौज करते हुए पहले हाथ-थप्पड़ों से मारपीट की, तत्पश्चात पास पड़ी लकड़ी उठाकर पिता के साथ बेरहमी से हमला किया।
हमले में गंभीर चोट लगने से शंकर इवनाती वहीं गिर पड़े। परिजन उन्हें घर के अंदर ले गए, जहां लगभग एक घंटे तक वे दर्द से कराहते रहे। बाद में जब चादर हटाकर देखा गया तो शंकर इवनाती की मृत्यु हो चुकी थी। दोनों कोहनियों पर गंभीर चोट के निशान पाए गए।
- हत्या का मामला दर्ज, आरोपी पुत्र गिरफ्तार
मामले की सूचना मिलते ही चांद थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी जयसिंह इवनाती के विरुद्ध धारा 103(1) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया। पुलिस ने आरोपी को उसके घर के पीछे तालाब के पास से गिरफ्तार कर लिया है।
- पुलिस की त्वरित कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक अजय पांडे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष खरे एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) श्रीमती भारती जाट के निर्देशन में थाना प्रभारी चांद निरीक्षक प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक ललित बैरागी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर कार्रवाई की गई।
🔸 जप्त सामग्री
घटना में प्रयुक्त लकड़ी को पुलिस ने जप्त कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपी
जयसिंह इवनाती, पिता – शंकर इवनाती
निवासी – ग्राम दवाझिर, थाना चांद, जिला छिंदवाड़ा
पुलिस टीम
निरीक्षक/थाना प्रभारी चांद,
उनि पीसी राठी,
सउनि एल.पी. गुप्ता,
आरक्षक सुरेंद्र बघेल,
विवेक बघेल एवं संदीप बघेल की सराहनीय भूमिका रही।

















