छिंदवाड़ा: कश्मीर से कन्याकुमारी तक राष्ट्रचेतना की साइकिल यात्रा पहुँची छिंदवाड़ा, शताब्दी वर्ष में संघ के ‘पंच-परिवर्तन’ का संदेश गूंजा।

छिंदवाड़ा | मेट्रो सिटी मीडिया
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर ‘पंच-परिवर्तन से राष्ट्रीय पुनर्निर्माण’ के जनजागरण उद्देश्य को लेकर कश्मीर से कन्याकुमारी तक साइकिल यात्रा कर रहे स्वयंसेवकों का आज छिंदवाड़ा जिले में भव्य, गरिमामय और भावपूर्ण स्वागत किया गया। इस अवसर पर पूरे क्षेत्र में राष्ट्रभक्ति, सकारात्मक ऊर्जा और सामाजिक चेतना का स्पष्ट प्रभाव देखने को मिला।
- 22 दिन, 1950 किलोमीटर और अटूट संकल्प
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नरसिंहपुर रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन डॉ. अनंत दुबे (आयु 70 वर्ष) एवं उनके साथ श्री देवेंद्र दुबे (सेवानिवृत्त शिक्षक, आयु 72 वर्ष) द्वारा लाल चौक, श्रीनगर से प्रारंभ की गई यह साइकिल यात्रा अब तक लगभग 1950 किलोमीटर की दूरी तय कर 22 दिनों की कठिन यात्रा के उपरांत छिंदवाड़ा पहुँची।
कठोर मौसम, दुर्गम मार्ग और शारीरिक चुनौतियों के बावजूद दोनों वरिष्ठ जनसेवकों ने यात्रा को निरंतर जारी रखते हुए यह संदेश दिया कि राष्ट्रसेवा के लिए आयु कोई बाधा नहीं होती।
- पुष्पवर्षा के साथ आत्मीय स्वागत
छिंदवाड़ा आगमन पर अमरवाड़ा-सिरगोंडी मार्ग होते हुए संकट मोचन सरस्वती शिशु मंदिर तथा इसके पश्चात नागपुर रोड स्थित देवधाम मंदिर, पाठाधाना में यात्रियों का पुष्पवर्षा, माल्यार्पण और नारों के साथ आत्मीय स्वागत किया गया।
भारत माता की जय और मां भारती की जय के गगनभेदी उद्घोष से वातावरण राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत हो उठा।
- जनसंवाद के माध्यम से संघ के विचार
यात्रा के दौरान जनसंवाद कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिनमें संघ के 100 वर्षों के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रनिर्माण के योगदान, राष्ट्र प्रथम की भावना, तथा सामाजिक समरसता पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। बड़ी संख्या में नागरिकों, स्वयंसेवकों और समाजसेवियों की सहभागिता रही।
- ये गणमान्य रहे उपस्थित
रमेश पोफली जी, मोरेश्वर हिवसे जी, श्री रंजन सिंह राजपूत, श्री सेवक राम बोरिकर जी, इंद्र कुमार शर्मा जी, कमल पवार जी, सचिन ताम्रकार जी, राजा राजपूत जी, सत्यपाल जादौन जी, हर्ष पाण्डेय जी, अक्षय शर्मा जी, अनुराग पवार जी, अनिकेत शर्मा जी
सहित मातृशक्ति एवं देवधाम मंदिर समिति के समस्त सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
- इलाके पर असर: राष्ट्रचेतना और युवा प्रेरणा
इस साइकिल यात्रा का क्षेत्र में सकारात्मक सामाजिक प्रभाव देखने को मिला। स्थानीय नागरिकों ने इसे राष्ट्रभक्ति की जीवंत मिसाल बताते हुए युवाओं के लिए प्रेरणादायी कदम बताया। यात्रा ने सामाजिक एकता, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता को नई धार दी है।
- पंच-परिवर्तन का राष्ट्रव्यापी संदेश
यात्रा का उद्देश्य
स्वदेशी, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, नागरिक कर्तव्य एवं पारिवारिक प्रबोधन जैसे पंच-परिवर्तन के मूल विचारों को जन-जन तक पहुंचाना है। यह यात्रा केवल भौगोलिक दूरी नहीं नाप रही, बल्कि राष्ट्रनिर्माण की चेतना को घर-घर तक संप्रेषित कर रही है।


















