परासिया नगर पालिका में भूचाल ! कमीशनखोरी के आरोपों के बाद अध्यक्ष विनोद मालवीय भाजपा से 6 साल के लिए बाहर।

परासिया | छिंदवाड़ा | मेट्रो सिटी मीडिया
परासिया नगर पालिका में लंबे समय से दबे भ्रष्टाचार के आरोप अब खुले मंच पर आ गए हैं। नगर विकास की आड़ में चल रही कथित कमीशनखोरी, घटिया निर्माण और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर खुद नगर पालिका उपाध्यक्ष महेश सोम कुंवर ने बगावती तेवर अपनाते हुए अध्यक्ष विनोद मालवीय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस घटनाक्रम ने न केवल नगर पालिका प्रशासन, बल्कि सत्तारूढ़ भाजपा संगठन में भी हड़कंप मचा दिया है।
- कहां से शुरू हुआ विवाद
उपाध्यक्ष महेश सोम कुंवर ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी को लिखित पत्र सौंपकर अध्यक्ष विनोद मालवीय के कार्यकाल में हो रहे विकास कार्यों पर गंभीर सवाल उठाए। पत्र में आरोप लगाया गया कि अध्यक्ष के संरक्षण में ठेकेदारों को खुली छूट दी जा रही है और बिना कमीशन कोई भी कार्य स्वीकृत नहीं हो रहा।
- घटिया निर्माण और मानकों की अनदेखी
पत्र के अनुसार नगर में बनाई जा रही
सड़कों
नालियों
नल-जल पाइपलाइन
में तय मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर कोई निगरानी नहीं है। उपाध्यक्ष ने सवाल उठाया कि क्या अध्यक्ष की जानकारी और सहमति के बिना ठेकेदार इस स्तर की मनमानी कर सकते हैं?
- ‘कमीशन’ बना विकास का प्रवेश द्वार
उपाध्यक्ष ने अपने पत्र में स्पष्ट लिखा है कि नगर पालिका में फाइलें गुणवत्ता या जरूरत के आधार पर नहीं, बल्कि कमीशन के प्रतिशत के आधार पर आगे बढ़ रही हैं। इससे नगर का वास्तविक विकास प्रभावित हो रहा है और जनता के पैसों की खुलेआम बंदरबांट हो रही है।
- GeM पोर्टल खरीदी में गड़बड़ी की आशंका
मामला यहीं नहीं रुका। उपाध्यक्ष ने GeM पोर्टल के माध्यम से की गई खरीदी पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और इसमें बड़े स्तर पर आर्थिक अनियमितताओं की संभावना है। उन्होंने मांग की कि उच्चाधिकारियों की विशेष जांच टीम गठित कर पूरी खरीदी प्रक्रिया की तकनीकी और वित्तीय जांच कराई जाए।
- अध्यक्ष की चुप्पी बनी सवाल
कांग्रेस सहित अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा पहले भी कलेक्टर और एसडीएम को लिखित शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक किसी ठोस कार्रवाई का अभाव रहा। इन सबके बीच अध्यक्ष विनोद मालवीय की चुप्पी ने हालात को और संदिग्ध बना दिया है।
स्थानीय राजनीतिक हलकों में यह सवाल तेज़ है — क्या यह चुप्पी मजबूरी है या मौन सहमति?
- उपाध्यक्ष की ठोस और सख्त मांगें
उपाध्यक्ष महेश सोम कुंवर ने प्रशासन के समक्ष स्पष्ट मांगें रखी हैं—
- जब तक कार्यों की भौतिक गुणवत्ता जांच पूरी न हो, ठेकेदारों का भुगतान रोका जाए
- गुणवत्ता में गड़बड़ी पाए जाने पर केवल नोटिस नहीं, बल्कि ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाए
- दोषी ठेकेदारों की जमानत राशि राजसात की जाए
- रखरखाव अवधि पूरी होने तक 20% भुगतान अनिवार्य रूप से रोका जाए
- भाजपा का बड़ा और अचानक फैसला
इसी पूरे घटनाक्रम के बीच भाजपा संगठन ने बड़ा कदम उठाया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर जिलाध्यक्ष शेषराव यादव ने परासिया नगर पालिका अध्यक्ष विनोद मालवीय को अनुशासनहीनता के आधार पर 6 वर्षों के लिए भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया।
शनिवार को जारी निष्कासन पत्र ने नगर की राजनीति को पूरी तरह हिला दिया।
- निष्कासन के मायने
हालांकि निष्कासन का कारण औपचारिक रूप से अनुशासनहीनता बताया गया है, लेकिन राजनीतिक जानकार इसे नगर पालिका में उठे भ्रष्टाचार के आरोपों से जोड़कर देख रहे हैं। निष्कासन ने यह साफ कर दिया है कि मामला केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी गंभीर हो चुका है।
- इलाके में असर
इस घटनाक्रम के बाद परासिया नगर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। आम नागरिक अब खुलेआम सवाल पूछ रहे हैं कि उनके टैक्स और सरकारी फंड का उपयोग सही दिशा में हुआ या नहीं। नगर पालिका के कामकाज पर जनता का भरोसा डगमगाता नजर आ रहा है।


















