छिंदवाड़ा : चंदे से बन रहे मंदिर को सरकारी कागजों में सामुदायिक भवन दिखाया , 1 बोरी सीमेंट 1.92 लाख की 15 पिलर से करोड़ों ठगे।
छिंदवाड़ा के जुन्नारदेव जनपद पंचायत का ये मामला सामने आया जहां चंदे से बन रहे मंदिर को सरकारी कागजों में सामुदायिक भवन बताया, 24 लाख में से 17 लाख रुपए खर्च हुआ , परंतु मात्र 15 पिलर का ढांचा ही खड़ा हुआ । घोटाला तो ऐसा हुआ कि 1 बोरी सीमेंट की कीमत 1.92 लाख रुपए और प्लंबिंग का बिल भी लाखों में दिखाईं दिया । कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने इस मामले को गंभीरता से लिया और दोषियों से रिकवरी के निर्देश जारी किए , जांच में पुष्टि की गई भवन की स्वीकृत डिजाइन से अलग निर्माण कराया जा रहा था।
1 दिसंबर 2023 को तीन बिल लगाए गए। पहले ₹1,92,000 रुपए में एक सीमेंट की बोरी खरीदी गई। उसी दिन ₹1,92,000 रुपए दूसरी सीमेंट की बोरी और ₹1,12,000 रुपए में तीसरी बोरी का बिल दिखाया गया। प्लंबिंग फिटिंग के नाम पर तीन बार में कुल 7 लाख 23 हजार का खर्च दिखाया गया।
1 जून 2023 को सीसी रोड के नाम पर 25 हजार रुपए निकाले गए, जबकि उस जगह पर भी कोई निर्माण नहीं हुआ। मजदूरी का एक भी भुगतान दर्ज नहीं है, लेकिन मटेरियल लाखों का दिखाया गया।
कलेक्टर ने जुन्नारदेव के निम्न अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से अनियमित राशि की वसूली का नोटिस जारी किया –
मुख्य कार्यपालन अधिकारी – रश्मि चौहान ।
सहायक यंत्री – वारु धुर्वे ।
तत्कालीन उपयंत्री – विशाल परतेती।
उपयंत्री – रिजवान खान ।
सरपंच – शंकर कुमरे।
सचिव – महेश इवनाती।
कलेक्टर का कहना है कि सार्वजनिक का धन का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में सहने योग नहीं हैं , दोषियों से पूरी वसूली की जाएगी और आगे चलके इस तरह की घटनाएं न हो इसीलिए सख्त कार्यवाही की जाएगी ।
सोर्स – दैनिक भास्कर ऑनलाइन।



















