हर्रई शिक्षा विभाग में ‘सब कुछ ठीक नहीं’,BEO हटाओ शिक्षा बचाओ! शिक्षकों का प्रशासन को अल्टीमेटम।
छिंदवाड़ा । METRO CITY MEDIA
हर्रई विकासखंड में शिक्षा व्यवस्था को लेकर असंतोष खुलकर सामने आ गया है। बीते 15 वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) प्रकाश कालवे के विरुद्ध शिक्षकों ने गंभीर आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से पद पर बने रहने के कारण विभागीय कामकाज में पक्षपात, अनियमितता और मनमानी हावी हो गई है।
शिक्षकों के अनुसार विकासखंड में धन उगाही की कथित व्यवस्था बना दी गई है। इसके लिए अलग-अलग टीमों का गठन कर दबाव बनाया जाता है। जो शिक्षक सहयोग नहीं करते, उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। शिकायतकर्ताओं का यह भी आरोप है कि कार्रवाई के नाम पर केवल निचले स्तर के कर्मचारियों को निशाना बनाया जाता है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी बच निकलते हैं।
- विद्यालयों में नियमविरुद्ध नियुक्तियों के आरोप
ज्ञापन में संदीपनी विद्यालय हर्रई सहित अन्य शासकीय विद्यालयों में बिना विज्ञापन और बिना वैधानिक प्रक्रिया के अतिथि शिक्षकों की नियुक्तियों का आरोप लगाया गया है। नियमों को दरकिनार कर पदभार सौंपे जाने से शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
- वेतन, एरियस और पेंशन वर्षों से अटकी
शिक्षकों ने बताया कि—
नव नियुक्त शिक्षकों का 3–4 माह का वेतन वर्षों से लंबित है
सैकड़ों शिक्षकों को सातवां वेतनमान एरियस 3–4 साल से नहीं मिला
सेवानिवृत्त शिक्षकों की पेंशन व स्वत्व भुगतान 4–5 वर्षों से अटका है
दैनिक वेतनभोगी व अंशकालीन कर्मचारियों के भुगतान में भारी अनियमितताएं हैं
- चहेतों को लाभ पहुंचाने के आरोप
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ चयनित कर्मचारियों और चहेते बाबुओं को नियमों के विपरीत भुगतान किया गया, जबकि सामान्य शिक्षकों की वैध फाइलें वर्षों तक लंबित रखी गईं। कई मामलों में शासकीय नियमों की अनदेखी कर प्रकरणों का निपटारा किया गया।
- तत्काल हटाने व निष्पक्ष जांच की मांग
शिक्षकों ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि—
BEO प्रकाश कालवे को तत्काल प्रभाव से हर्रई विकासखंड से हटाया जाए
उनके कार्यकाल की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए
शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि शिक्षा विभाग में पारदर्शिता, जवाबदेही और भ्रष्टाचार-मुक्त व्यवस्था स्थापित करना है।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर ज्ञापन पर क्या रुख अपनाता है और हर्रई शिक्षा विभाग में लंबे समय से चले आ रहे विवाद का क्या समाधान निकलता है।

















