छिंदवाड़ा: एनसीसी से आईएमए तक का सफर , सुमित्र ओक्टे की उपलब्धि पर छिंदवाड़ा गौरवान्वित।

आईएमए देहरादून में छिंदवाड़ा के कैडेट ने लहराया परचम, सुमित्र ओक्टे ने सफलतापूर्वक पूरा किया प्रतिष्ठित अटैचमेंट कैंप
छिंदवाड़ा | 29 दिसंबर 2025
प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय छिंदवाड़ा के लिए यह क्षण अत्यंत गर्व और सम्मान का है। महाविद्यालय की एनसीसी इकाई के सीनियर अंडर ऑफिसर सुमित्र ओक्टे ने इंडियन मिलिट्री अकादमी (IMA), देहरादून में आयोजित प्रतिष्ठित अटैचमेंट कैंप को सफलतापूर्वक पूर्ण कर जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है।
सुमित्र ओक्टे का चयन 24 एमपी बटालियन एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल थॉमस के मार्गदर्शन में हुई कड़ी एवं बहुस्तरीय चयन प्रक्रिया के माध्यम से हुआ। इस प्रक्रिया में एनसीसी के बेसिक लिखित परीक्षण, गहन मूल्यांकन एवं साक्षात्कार जैसे चरण शामिल थे, जिनमें कैडेट की नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, निर्णय लेने की दक्षता, अनुशासन एवं ऑफिसर लाइक क्वालिटीज (OLQs) का सूक्ष्म परीक्षण किया गया।
- मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ निदेशालय का किया प्रतिनिधित्व
17 दिसंबर से 28 दिसंबर तक आयोजित इस विशेष अटैचमेंट कैंप के दौरान सुमित्र ओक्टे ने मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ एनसीसी निदेशालय का प्रतिनिधित्व करते हुए इंडियन मिलिट्री अकादमी के अनुशासित एवं चुनौतीपूर्ण वातावरण में अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई।
कैंप के दौरान कैडेट्स को भारतीय सेना के अधिकारियों की जीवनशैली, कार्यप्रणाली, सैन्य परंपराओं और अनुशासनबद्ध दिनचर्या को नजदीक से समझने का अवसर मिला। प्रातःकालीन अनुशासन, ड्रिल अभ्यास, सैन्य व्याख्यान, फील्ड गतिविधियाँ तथा नेतृत्व विकास से जुड़ा व्यावहारिक प्रशिक्षण इस कैंप की विशेषता रहा।
- महाविद्यालय प्रबंधन ने दी शुभकामनाएं
इस उपलब्धि पर महाविद्यालय के एसोसिएट एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट डॉ. शेखर ब्रम्हने एवं प्राचार्य डॉ. वाई.के. शर्मा ने सीनियर अंडर ऑफिसर सुमित्र ओक्टे को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के राष्ट्रीय स्तर के सैन्य प्रशिक्षण शिविर कैडेट्स में देशभक्ति, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र सेवा की भावना को और अधिक प्रबल बनाते हैं।
इंडियन मिलिट्री अकादमी अटैचमेंट कैंप में सहभागिता हर एनसीसी कैडेट के लिए गौरव का विषय होती है। सुमित्र ओक्टे की यह सफलता न केवल महाविद्यालय बल्कि संपूर्ण छिंदवाड़ा जिले के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।

















