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योगेश सदारंग के साथ छिन्दवाड़ा भाजपा में नई राजनीति की शुरुआत

छिन्दवाड़ा विधानसभा से करेंगे विधायक पद की दावेदारी

Metro City Media

कार्यकर्ताओ का विश्वास हासिल करने जन्म दिन पर बनाई बड़े आयोजन की रूपरेखा….

जनसेवा की पाठशाला से अब राजनीति के मैदान में योगेश सदारंग..

छिन्दवाड़ा के विधायक पद की उम्मीदवारी के साथ संभालेगे मोर्चा..

मुकुन्द सोनी छिन्दवाड़ा-जनसेवा की पाठशाला के पाठ पढ़ने के साथ कदमताल करते भाजपा के नेता  योगेश सदारंग छिन्दवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के हजारों भाजपा कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं की पहल पर अगले विधानसभा चुनाव के लिए ताल ठोकने की तैयारी में है कांग्रेस से मुकाबले में कांग्रेस के दिग्गज कमलनाथ उतरे या फिर दीपक सक्सेना या फिर वोटो के गणित में कोई और अब भाजपा में उनके नाम से ही नया जोश भर रहा है राजनीति में हर उस नेता के लिए बड़ी जगह बन ही जाती है जो चुनोती स्वीकार कर संघर्ष की अपनी जिजीविषा से आगे बढ़ता है छिन्दवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं का  यह सामूहिक फैसला है तो  यह  सामूहिक संघर्ष निश्चित ही कोई ना कोई नया रास्ता निकालेगा और कांग्रेस के लिए  चुनोती खड़ी  करेगा  छिन्दवाड़ा में कांग्रेस के रास्ते हमेशा से इसलिए आसान रहे हैं कि भाजपा से ही कभी कोई कड़ी चुनोती मिली नही है किंतु अब समय तेजी से बदल रहा है पी एम मोदी और शिवराज जैसे नेताओं के रहते हुए भी छिन्दवाड़ा में परिवर्तन नही हुआ तो फिर कब होगा  भाजपा कार्यकर्ताओं के मन मे यह बात घर कर गई है और इसके लिए कार्यकर्ताओ को नए नेता की जरूरत महसूस हो रही थी जिसके लिए  छिन्दवाड़ा की भाजपा  के चिंतन  ने योगेश के चेहरे पर वह विश्वास दिख रहा है   योगेश  राजनीति  का नया चेहरा नही बल्कि मंझा और सधा हुआ व्यक्तित्व है  जो छिन्दवाड़ा की राजनीति को नई दिशा देने नए वाहक बतौर पहले कार्यकर्ताओ का  ही आशीर्वाद चाहते हैं   योगेश ने  एक एक कदम आगे बढ़ा कर यह मुकाम हासिल किया है कि पार्टी के  कार्यकर्ता भी अब उनमे अपना नया नेतृत्त्व देखने लगे हैं

पंच बनकर शुरू की थी समाज सेवा..

उन्होंने पहले चन्दनगांव ग्राम पंचायत के पंच फिर  उपसरपंच और सरपंच बतौर समाजसेवा ओर राजनीति का पाठ पढ़ा चन्दनगांव सरपंच बतौर  उनके कार्यकाल को हमेशा ही याद किया जाता है छिन्दवाड़ा शहर से  लगी जिले की बड़ी ग्राम पंचायत चन्दनगांव  जहां कभी सड़क थी ना नाली ना पेयजल की सुविधा और ना ही स्ट्रीट लाइट ना ही साफ -सफाई सरपंच रहते हुए ही उन्होंने चन्दनगांव में विकास के इतने कार्य कर कायाकल्प करा दिए  थे कि छिन्दवाड़ा हो या आस-पास के क्षेत्र के लोग हर कोई चन्दनगांव में ही बस जाना चाहता था चन्दनगांव तो नगर निगम में बाद में शामिल हुआ इससे पहले ही यहां बढ़ती आबादी में सौ से ज्यादा कालोनिया चन्दनगांव में बस चुकी थी  तब ही चन्दनगांव केवल गांव नही बल्कि अपने आप मे ही एक छोटा शहर बन चुका था और अब तो नगर निगम छिन्दवाड़ा का सर्व विकसित नगरीय क्षेत्र है  किसान परिवार और चन्दनगांव में ही खानदानी खेती-किसानी होने से इस किसान पुत्र को कृषि  की मूलभूत जरूरत और किसानों की परेशानी की वास्तविक समझ  भी  है

महापौर रहते  शहर विकास को दिए नए आयाम ..

यह उनकी जन सेवा का ही परिणाम था कि जब सात साल पहले  छिन्दवाड़ा नगर निगम  बना  तब महापौर के  महिला  आरक्षण में उनकी धर्म पत्नी कान्ता सदारंग  को भाजपा ने महापौर के लिए उम्मीदवार बनाया और भाजपा की यह उम्मीद नगर निगम में भाजपा पार्षदों के बहुमत सहित फलीभूत हुई थी यह उनका ही कार्यकाल था कि चन्दनगांव के बाद छिन्दवाड़ा शहर ने भी विकास की रफ्तार पकड़ी इसमे कोई दो मत नही है कि छिन्दवाड़ा शहर के विकास का हर बड़ा प्रोजेक्ट कांता योगेश सदारंग की ही देन है जिसकी वजह से छिन्दवाड़ा शहर केवल अब शहर नही बल्कि महानगर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है शहर में सीवर लाइन,हाऊसिंग प्रोजेक्ट, माचागोरा से वाटर सप्लाय,24 गांवो के लिए सड़क सहित अलग जल आवर्धन वी आई पी सड़क ,सोनपुर मल्टी आवास स्वछता,सहित अनेक प्रोजेक्ट को शुरू कराने का फैसला महापौर कान्ता योगेश सदारंग का ही था छिन्दवाड़ा के लिए यह कटु सत्य है कि छिन्दवाड़ा शहर का  शहरी विकास केवल ओर केवल भाजपा के ही शासनकाल में हुआ है

कांग्रेस सरकार आते ही रचा गया था पद से हटाने का षड़यंत्र ..

प्रदेश में कांग्रेस की सरकार कुछ दिनों के लिए सत्ता में क्या आई विरोधी पार्टी के नेताओ ने सेवाभावी महापौर कान्ता योगेश सदारंग को हटाने की कोशिश की थी जिसे हाईकोर्ट में चुनोती देकर उन्होंने अपना सफल कार्यकाल पूरा किया था अब छिन्दवाड़ा में विकास की नई गति देने नेता के तौर पर योगेश सदारंग पर पार्टी कार्यकर्ताओं का विश्वास जगा है कार्यकर्ताओ का विस्वास अर्जित करने के बाद ही उन्होंने पार्टी और जनता का विस्वास अर्जित करने की तैयारी की है जिसके लिए 6 दिसम्बर को चन्दनगांव के एस डी लान में कार्यकर्ताओं के साथ जन्मदिन मनाने की तैयारी की है

सेवा का माध्यम है राजनीति..

“राजनीति जन सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है और यह सेवा अपने  आसपास से ही शुरू होती है देश क्या मध्यप्रदेश में ऐसे अनेक नेता हुए हैं जिन्होंने  सेवा का  पाठ ग्राम पंचायत में सीखा  फिर संसद से लेकर विधान सभा तक पहुंचे हैं इतना ही नही केंद्रीय और प्रदेश सरकार में मंत्री भी भी रहे हैं  सरपंच से अपना राजनीतिक सफर शुरू कर सता के शीर्ष तक पहुचने वाले नेताओं की मध्यप्रदेश में कमी नही है  योगेश सदारंग भी छिन्दवाड़ा के उन्ही नेताओ में है जो लंबे समय तक ग्राम पंचायत चन्दनगांव के सरपंच रहे हैं और फिर दूसरा बड़ा मौका उन्हें तब मिला जब उनकी जीबन साथी कान्ता सदारंग को छिन्दवाड़ा नगर निगम में महिला आरक्षण के चलते पहली महापौर बनी थी  यही वह वक्त था जब योगेश  सदारंग ने अपने कार्यो और व्यवहार का परिचय देकर छिन्दवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के विस्तृत क्षेत्र  में दस्तक देकर  जन मानस का दिल जीता था  कोरोना संकट के दौर में भी सदारंग परिवार ने परेशानी में आए लोगो की खुलकर मदद की थी  नगर निगम का  का क्षेत्र काफी बड़ा है इसमें  शहरी और ग्रामीण दोनो क्षेत्र शामिल हैं  भाजपा ने उन्हें यह मान -सम्मान दिया और अब वे अपने आपको विधानसभा चुनाव के लिए पहले कार्यकर्ताओं का विस्वास पाने की कवायद में लगे हैं कार्यकर्ताओं के आशीर्वाद के बिना छिन्दवाड़ा विधान सभा की चुनोती लेना उन्हें मंजूर नही है सेवा के लिए सबका साथ सबका विकास यही महामंत्र है जिसका योगेश अनुसरण कर रहे हैं

 

सेवाभावी है सदारंग परिवार

छिन्दवाड़ा शहर के लगी पंचायत चंदनगांव से पंच के रुप मे अपने राजनैतिक केरियर की शुरुवात करने वाले योगेश सदारंग आज किसी पहचान के मोहताज नही हैं..पंच से सरपंच और फिर बीजेपी संगठन मे जिला उपाध्यक्ष बनना उनकी संगठनात्मक पकड़ और सबको साथ लेकर चलने के जज़्बे की वजह से मुमकिन हो पाया है..सहज, सरल खुशमिज़ाज योगेश सदारंग  के बड़े पिता स्वर्गीय यशवंत  लक्ष्मण राव  सदारंग  भी जनपद सदस्य और सरपंच रहे हैं उनकी बड़ी माता  शांता ताई भी पंच और सरपंच रह चुकी है.योगेश सदारंग को अपने माता-पिता से ही सबको  जोड़ने और लोगों का साथ देने के संस्कार मिले है  पिता से समाज सेवा की प्रेरणा मिली है योगश सदारंग की धर्मपत्नी श्रीमती कांता सदारंग छिन्दवाड़ा शहर के नगर निगम बनने पर पहली महापौर होने का गौरव हासिल कर चुकी हैं..उनके कार्यकाल मे शहर ने विकास की नई इबारतें लिखी गई है जिसका शहर गवाह है .योगेश के  बड़े पिता के बेटे दिवाकर सदारंग  भी जन सेवा में  अग्रणी है दिवाकर सदारंग भी  पूर्व में पंच, मंडी के उपाध्यक्ष ,प्रदेश किसान मोर्चा के कार्यकारणी सदस्य भाजपा नगर महामंत्री,भाजपा जिला उपाध्यक्ष और भाजपा जिला महामंत्री के पद पर रहे है  वर्तमान में वार्ड नं 36 में पार्षद है

विपरीत हालात में भी नही बदली विचारधारा..

चाहे कितनी भी विपरीत परिस्थिति हो अपनी विचारधारा और संघर्ष मत छोड़ो। यह  सदारंग परिवार  की  आन बान और शान है योगेश सदारंग -दिवाकर सदारंग इसके सबसे बड़े वाहक है  कांग्रेस सरकार के  श्रीमती कांता सदारंग को पद से हटाने के लिए भारी दबाब बनाया गया था  किन्तु साँच को आंच नही  पार्टी की शान बरकरार रख उन्होंने हाइकोर्ट से स्टे लाकर अपना कार्यकाल पूरा किया था किन्तु अपनी विचारधारा नही बदली..

 भाजपा के लिए समर्पित है परिवार

सदारंग परिवार का भाजपा से   गहरा नाता है सदारंग परिवार उस जमाने से भाजपा के साथ है जब पार्टी को अपने कार्यकर्ता ढूढ़ने और बनाने पड़ते थे   सदारंग परिवार अपनी साफ और निर्विवादित छवि के कारण जब भी राजनीति में पार्टी ने उनको मौका दिया है वे हमेशा ही सफल हुए है
6 दिसंबर 1972 को जन्मे योगेश सदारंग अपनी साफ छवि के चलते..और भारतीय जनता पार्टी के जिले और प्रदेश नेतृत्व के बीच हमेशा पसंद किये जाते रहे हैं..वे 2023 के विधानसभा चुनाव मे पार्टी की ओर से विधायक पद के लिए प्रबल दावेदार  हैं..छिन्दवाड़ा की सियासत मे अपनी मजबूत पकड़ के लिए पहचाने जाने वाले योगेश सदारंग आगामी 6 दिसम्बर को जीवन के पचास वर्ष पूर्ण कर रहे हैं योगेश भाजपा  में  युवाओं के लिए प्रेरणा के स्त्रोत है और नवांगत भाजपाईयो के लिए एक प्रेरणा बन  गए  है। 6 दिसंबर को आयोजित होने वाला जन्म दिवस उनके समर्थकों के लिए बेहद खास होने जा रहा..जिले भर से कार्यकर्ता छिन्दवाड़ा पहुंचने की तैयारी मे हैं..

 

 


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Editor-Mukund Soni Contact-9424637011

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