कानून से ऊपर नगर पालिका? वन विभाग की अनुमति बिना निर्माण, जुन्नारदेव में हड़कंप ।

नगर पालिका की मनमानी के आगे कानून बेबस?
वन विभाग की स्वीकृति बिना जुन्नारदेव में निर्माण, उठे गंभीर सवाल
मेट्रो सिटी मीडिया | जुन्नारदेव
जुन्नारदेव नगर पालिका परिषद एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। स्थानीय नागरिकों में यह चर्चा जोरों पर है कि नगर पालिका प्रशासन के समक्ष नियम, कानून और विभागीय स्वीकृतियां गौण हो गई हैं। आरोप है कि वन विभाग की अनुमति के बिना वार्ड क्रमांक 03 में पुराने नगर पालिका भवन के समीप स्थित संजीवनी अस्पताल को जाने वाले मार्ग को बंद कर अवैध निर्माण कार्य कराया जा रहा है, वह भी स्वयं नगर पालिका के माध्यम से।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पूरा मामला नगर पालिका अध्यक्ष रमेश सालोड़े एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) नेहा धुर्वे की मनमानी का परिणाम है। नागरिकों का कहना है कि वर्तमान हालात ऐसे हैं कि यदि आज नगर पालिका चुनाव होते हैं, तो विपक्ष को प्रचार की आवश्यकता ही न पड़े, क्योंकि प्रशासनिक कार्यशैली से जनता में भारी असंतोष व्याप्त है।
नियमों से ऊपर खुद को मान रहा प्रशासन?
जनचर्चा है कि भाजपा समर्थित नगर पालिका अध्यक्ष और सीएमओ को ऐसा अति-आत्मविश्वास (ओवर कॉन्फिडेंस) हो गया है कि वे नियमों को दरकिनार कर मनमर्जी से निर्णय ले रहे हैं। आरोप यह भी हैं कि न तो उन्हें क्षेत्रीय विधायक अथवा कांग्रेस समर्थित पार्षदों का कोई भय है और न ही जिला प्रशासन—जिसमें कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश—का कोई प्रभाव दिखाई दे रहा है।
पार्टी स्तर की सलाह भी अनसुनी?
सूत्रों के अनुसार, नगर पालिका अध्यक्ष पर यह आरोप भी लग रहे हैं कि वे अपनी ही पार्टी के पार्षदों, नेताओं और यहां तक कि जिलाध्यक्ष की बातों को भी नजरअंदाज कर रहे हैं। इससे राजनीतिक हलकों में भी असंतोष की स्थिति बनती जा रही है।
सीएमओ पर गंभीर शिकायतों की चर्चा
सूत्र यह भी दावा कर रहे हैं कि सीएमओ नेहा धुर्वे के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने संबंधी शिकायतें संबंधित स्तर पर की गई हैं। हालांकि इस विषय में अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।
आदेशों की अवहेलना के आरोप
नगर पालिका के कुछ कर्मचारियों का कहना है कि कुछ मामलों में एसडीएम के आदेशों की भी अवहेलना की गई, जिसके चलते संबंधित कर्मचारियों को अब तक कार्यभार नहीं सौंपा गया। यह स्थिति प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती है।
फिलहाल, इन तमाम आरोपों और चर्चाओं की आधिकारिक पुष्टि अपेक्षित है, किंतु इतना तय है कि जुन्नारदेव नगर पालिका की कार्यप्रणाली को लेकर जनता के बीच असंतोष और अविश्वास गहराता जा रहा है।
— मेट्रो सिटी मीडिया

















