छिंदवाड़ा : लाइसेंस रद्द करने की धमकी देकर वसूले पैसे, डिजिटल सबूतों ने किया पर्दाफाश ।
छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव में कार्यरत कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी रविन्द्र कुमरे को जिले के कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने गंभीर अनियमितताओं के आरोपों के चलते तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है।अधिकारी पर आरोप था कि उन्होंने उचित मूल्य दुकान की जांच रिपोर्ट अनुकूल बनाने के बदले शिकायतकर्ता से बार-बार धनराशि मांगी।
जांच के दौरान दो UPI ट्रांजैक्शन, व्हाट्सऐप चैट और बातचीत के स्क्रीनशॉट महत्वपूर्ण सबूतों के रूप में सामने आए। रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारी ने लगभग 25,000 रुपये विभिन्न किस्तों में मांगकर शिकायतकर्ता पर दबाव बनाया।
प्राप्त डिजिटल लेन-देन में-
₹10,000 (UPI – 21 जुलाई 2025)
₹5,000 (UPI 15 सितंबर 2025) की पुष्टि हुई है।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि अधिकारी ने काम में बाधा डालने के साथ-साथ शिकायतकर्ता को लाइसेंस रद्द करने और नकारात्मक रिपोर्ट भेजने की धमकी दी। प्रशासन ने इस व्यवहार को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए कार्रवाई की।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि अधिकारी ने काम में बाधा डालने के साथ-साथ शिकायतकर्ता को लाइसेंस रद्द करने और नकारात्मक रिपोर्ट भेजने की धमकी दी। प्रशासन ने इस व्यवहार को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए कार्रवाई की।निलंबन अवधि के दौरान अधिकारी का मुख्यालय अमरवाड़ा तय किया गया है।उधर, उनके कार्य का अतिरिक्त प्रभार परासिया के कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सुमित चौधरी को सौंपा गया है।

















