पूर्व केंद्रीय मंत्री व लोकसभा अध्यक्ष शिवराज पाटिल का निधन, 90 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस।
देश की राजनीति में एक अहम अध्याय का अंत हो गया। पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री, लोकसभा के 10वें स्पीकर और पंजाब के राज्यपाल रहे शिवराज विश्वनाथ पाटिल चकुरकर का 12 दिसंबर 2025 को 90 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। लंबे समय से बीमार चल रहे पाटिल के जाने से राजनीतिक जगत में शोक की लहर है।
6 दशक लंबा राजनीतिक सफर — विधानसभा से लेकर देश के गृहमंत्री तक
1935 में जन्मे शिवराज पाटिल का राजनीतिक करियर किसी प्रेरणा से कम नहीं।
1972 में पहली बार महाराष्ट्र विधानसभा पहुंचे,
1978 में महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर बने,
1980 से 2004 तक लातूर से लोकसभा सांसद रहे,
1991–1996 के बीच लोकसभा के स्पीकर के रूप में देश को नेतृत्व दिया,
2004–2008 तक भारत के गृह मंत्री रहे,
और 2010–2015 के बीच पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक रहे।
उनकी पहचान एक सादगीपूर्ण, अनुशासित और शांत छवि वाले नेता के रूप में रही।
इंदिरा गांधी और राजीव गांधी दोनों के मंत्रिमंडल में रहे शामिल
शिवराज पाटिल ने 1980 के दशक में रक्षा मंत्रालय में मंत्री के रूप में भी काम किया और तब से ही वे कांग्रेस पार्टी के भीतर एक बेहद सम्मानित चेहरा माने जाते रहे।
- कांग्रेस नेताओं ने जताया शोक
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने पाटिल के निधन को “एक युग का अंत” बताया है। पार्टी ने कहा कि देश ने एक ऐसा नेता खो दिया जिसने सदन की गरिमा को हमेशा सर्वोपरि रखा।

















