शांतिपूर्ण विरोध पड़ा भारी? कांग्रेस पार्षद पर केस—कांग्रेस ने बताया दबाव की राजनीति।
छिंदवाड़ा में उस वक्त राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई, जब कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पुलिस ने दबाव में आकर नगर निगम के कांग्रेस पार्षद पर झूठा एट्रोसिटी एक्ट का प्रकरण दर्ज किया है। मामले को लेकर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस उप महानिरीक्षक को ज्ञापन सौंपकर तत्काल केस वापस लेने और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
कांग्रेस के अनुसार, वार्ड क्रमांक 29 के पार्षद राहुल मालवी 19 जनवरी 2026 की शाम अपने वार्डवासियों के साथ अवैध शराब अहाते के विरोध में शांतिपूर्ण ढंग से शराब दुकान के बाहर पहुंचे थे। यह विरोध जनहित में था और किसी भी स्तर पर विवाद, अभद्रता या जातिसूचक टिप्पणी नहीं की गई।
पार्टी का दावा है कि विरोध के दौरान पार्षद पूरे समय जनता के साथ बाहर खड़े रहे और शराब दुकान के मैनेजर से उनका कोई संवाद तक नहीं हुआ। प्रदर्शन में अनुसूचित जाति वर्ग के लोग भी शामिल थे, जिससे जातिगत टिप्पणी का आरोप पूरी तरह निराधार बताया जा रहा है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि शराब दुकान के मैनेजर अज्जू उर्फ अजय मंडहरा के दबाव में पुलिस ने सोची-समझी साजिश के तहत पार्षद के खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट में प्रकरण दर्ज किया। इसे जनप्रतिनिधि को डराने और अवैध गतिविधियों के विरोध को दबाने की कोशिश बताया गया है।
मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है और स्थानीय स्तर पर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।

















