18 साल से पढ़ा रहे शिक्षक, आज भी असुरक्षित भविष्य—छिंदवाड़ा में अतिथि शिक्षकों का आंदोलन।
18 वर्षों से सेवा, फिर भी असुरक्षित भविष्य
प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत छिंदवाड़ा में अतिथि शिक्षक भूख हड़ताल पर
मेट्रो सिटी मीडिया | छिंदवाड़ा
प्रदेश स्तरीय आह्वान पर 2 जनवरी से मध्यप्रदेश के सभी जिलों में अतिथि शिक्षकों का आंदोलन प्रारंभ हो गया है। इसी क्रम में छिंदवाड़ा जिले के अतिथि शिक्षकों ने दीनदयाल पार्क में तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन एवं भूख हड़ताल शुरू कर दी है। आंदोलन में बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक शामिल होकर शासन से अपनी वर्षों पुरानी मांगों पर ठोस निर्णय की मांग कर रहे हैं।
अतिथि शिक्षक संघ मध्यप्रदेश के प्रदेश महासचिव एवं छिंदवाड़ा जिला अध्यक्ष संतोष कहार ने जानकारी देते हुए बताया कि अतिथि शिक्षक पिछले 18 वर्षों से शासकीय स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन आज तक उनके भविष्य को सुरक्षित करने को लेकर कोई ठोस नीति लागू नहीं की गई है। कई बार शासन-प्रशासन को ज्ञापन एवं आवेदन सौंपे गए, बावजूद इसके कोई निर्णायक कदम नहीं उठाया गया।
हर चुनाव में आश्वासन, बाद में अनदेखी
संतोष कहार ने कहा कि हर चुनाव के समय अतिथि शिक्षकों को नेताओं, मंत्रियों एवं अधिकारियों द्वारा आश्वासन दिए जाते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही उनकी समस्याएं नजरअंदाज कर दी जाती हैं। इससे अतिथि शिक्षकों में लगातार असंतोष बढ़ता जा रहा है।
पुराने वादों की याद दिलाई
उन्होंने बताया कि 2 सितंबर 2023 को भोपाल में आयोजित अतिथि शिक्षक महापंचायत में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा विभागीय परीक्षा के माध्यम से भविष्य सुरक्षित करने तथा शिक्षक भर्ती में प्रति वर्ष 4 अंक बोनस (अधिकतम 20 अंक) देने की घोषणा की गई थी, लेकिन आज तक इन घोषणाओं पर अमल नहीं हो पाया है। इसका सीधा असर अतिथि शिक्षकों के मनोबल पर पड़ा है।
नाराजगी बढ़ी, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
घोषणाओं के बावजूद कोई लाभ न मिलने से अतिथि शिक्षकों में गहरी नाराजगी है। आंदोलनरत शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।
— मेट्रो सिटी मीडिया

















