क्राइमदेश

आसाराम बापू को दूसरे रेप केस में दूसरी बार आजीवन कारावास

14 बाबाओं को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने घोषित किया था फर्जी

Metro City Media

Metro city media  – संत कहे जाने वाले आसाराम बापू को  बलात्कार के एक और  मामले में   गुजरात के  गांधी नगर सेशन्स कोर्ट ने मंगलवार को  आजीवन कारावास की सजा  सुनाई है आसाराम बापू पहले ही जोधपुर की  जेल में  एक मामले में उम्र कैद की सजा काट रहे हैं  दो  बहनो ने आसाराम बापू और उसके बेटे के खिलाफ बलात्कार का आरोप लगाया था. जिसमें छोटी बहन के आरोप पर आसाराम के बेटे नारायण साई को आजीवन कारावास की सजा मिल चुकी है अब   बड़ी बहन के आरोपी आसाराम बापू को मंगलवार को  कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है  मामला 1997 से 2006 के  बीच का है   आसाराम बापू पर सूरत की एक महिला ने आरोप लगाया था अहमदाबाद के मोटेरा आश्रम में  उसके साथ दुष्कर्म किया गया  था  इस मामले  में पीड़िता ने सूरत पुलिस थाना में शिकायत की थी  पुलिस ने जांच के बाद आसाराम बापू ,उनके बेटे नारायण साईं सहित आठ लोगों  के खिलाफ आई पी सी की धारा 376 ,377 ,342, 354 ,357 और 506  में केस दर्ज किया था इसमे छोटी बहन ने नारायण साईं और बड़ी बहन ने आसाराम के खिलाफ रिपोर्ट की थी सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने मंगलवार को सजा सुनाई हैं पब्लिक प्रोसिक्यूटर आर सी कोडकर ने मीडिया को बताया कि आसाराम बापू को धारा 374 और 377 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है

छिन्दवाड़ा के आश्रम की  नाबालिग के मामले में पहली आजीवन कारावास की सजा का घटनाक्रम

आसाराम बापू वर्तमान में जोधपुर की जेल में  आजीवन कारावास में  है यह प्रकरण अगस्त 2013 में सामने आया था रेप का मामला नाबालिग लड़की का था और मध्यप्रदेश के छिन्दवाड़ा आश्रम से जुड़ा था  एक नाबालिग लड़की ने मनाई आश्रम में आसाराम पर रेप का आरोप लगाया था. 19 अगस्त, 2013 को लड़की का परिवार आसाराम बापू  से मिलने दिल्ली पहंचा था  लेकिन बापू ने  मिलने से इनकार कर दिया था  जिसके बाद इस  परिवार ने  दिल्ली के कमला नगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज  कराई थी

20 अगस्त, 2013 को लड़की का मेडिकल कराया गया था  जिसके बाद आसाराम बापू को एक पर नाबालिग से रेप करने का मामला दर्ज किया गया था  इसके बाद 21 अगस्त को इस केस को जोधपुर पुलिस को हैंडओवर कर दिया गया था  31 अगस्त, 2013 को जोधपुर पुलिस ने आसाराम को एमपी के इंदौर से गिरफ्तार किया था  2 सितंबर, 2013 को आसाराम की मेडिकल जांच कराई गई थी , जिसमें साबित होता है कि वो सेक्स करने में सक्षम है. इसके बाद 6 नवंबर, 2013 को जोधपुर पुलिस ने आसाराम के खिलाफ चार्जशीट फाइल की थी  इस चार्जशीट में आसाराम पर नाबालिग से रेप का इल्ज़ाम लगा था  मामले में आसाराम के छिंदवाड़ा आश्रम के गर्ल्स हॉस्टल की वॉर्डन शिल्पी के साथ-साथ आसाराम के तीन सहयोगियों शरतचंद्र, शिवा और प्रकाश पर शामिल होने का आरोप भी  लगा था इस बीच 8 नवंबर, 2013 को राजस्थान हाई कोर्ट ने जोधपुर सेशन कोर्ट को आदेश दिया कि मामले की सुनवाई रोज़ हो  ताकि मामले का जल्द से जल्द निपटारा हो सके  7 फरवरी, 2014 को जोधपुर कोर्ट ने आसाराम पर रेप, आपराधिक षड्यंत्र और अन्य अपराधों में आरोप तय किए थे और  जमानत  की अपील  खारिज कर दी थी

23 मई, 2014 को मामले में गवाह अमृत प्रजापति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी मामले में कई और गवाहों पर भी हमले हुए थे. कई लोगों को धमकी दी गई थी 13 फरवरी, 2015 को गवाह राहुल सचान पर जोधपुर कोर्ट के बाहर जानलेवा हमला हुआ था  ऐसे घटनाक्रमों के बीच आसाराम की जमानत याचिका कोर्ट में  कई बार खारिज हुई 12 सितंबर, 2017 को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने 14 फर्ज़ी बाबाओं की एक लिस्ट जारी की थी इस लिस्ट में आसाराम का नाम भी  था  7 अप्रैल, 2018 को एससी-एसटी विशेष अदालत में जिरह पूरी  होने के बाद  25 अप्रैल, 2018 को आसाराम को नाबालिग से रेप का दोषी करार दिया  गया था और पहली आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई थी  साथ ही छिन्दवाड़ा आश्रम की शिल्पी और शरतचंद्र को 20-20 साल की सज़ा सुनाई गई है

 

 

 


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