लापरवाह प्रशासन! देर रात युवक पर जानलेवा हमला — हाथ फ्रैक्चर , चाकू के घाव, फिर भी पुलिस ने नहीं लगाई सही धारा परिजनों का आरोप

छिंदवाड़ा। कुंडीपुरा इलके में एक युवक के साथ हुई बर्बर मारपीट की घटना ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीडत युवक सचिन मालवी, निवसी हुसैन तेकड़ी, शुक्लुधना , गीतांजलि कॉलोनी ने बताया कि वह अपने भाई के लिए कुंडीपुरा सत भट्टी पर गया था, जहां बंटी बेदी के गुर्गों — अज्जू वंशकार, विपिन पटेल, सुमित दाई, मंगल, अंकित राणा और लखन जोगी ने पहले शराब की ज्यादा कीमत मांगी और जब सचिन ने देने से इनकार किया तो इन लोगों ने उस पर लाठियों से अंधाधुंध हमला कर दिया।
मामला यही नहीं रुका। रात करीब 3 बजे भी भीड़ एक बार फिर सचिन के घर पहुंची और पथराव किया। इस हमले में सचिन का हाथ फ्रैक्चर हो गया, पैर में चाकू के घाव लगे, सिर फटा और पीठ पर गहरे टांके लगाने पड़े। पीड़ित के पास घटना का वीडियो सबूत भी मौजूद है।
पीड़ित परिजनों के आरोप
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इतनी गंभीर चोटों के बावजूद पुलिस ने आरोपियों पर मामूली धराएं लगाईं — जबकि हाथ फ्रैकर और चाकू से हमले जोकि जानलेवा था जिसपर धारा 307 (जानलेवा हमला) लगनी चाहिए थी, जो अभी तक कायम नहीं की गई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस आरोपियों को बचा रही है।
“मेरा हाथ फ्रैक्चर है, पैर में चाकू मारे, सर फूटा — फिर भी पुलिस ने कोई सही कार्रवाई नहीं की।”
— सचिन मालवी, पीड़ित
यह मामला अवैध शराब कारोबार, गुंडागर्दी और पुलिसिया लापरवाही तीनों को एक साथ उजागर करता है। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन पीड़ित को न्याय दिलाएगा या आरोपी यूं ही बचते रहेंगे?
पुलिस का कहना है
पुलिस पद अधिकारियों का कहना है कि मामला दर्ज कर लिया गया है , डॉक्टर की रिपोर्ट पर और गंभीर चोट होने पर प्रत्यक्ष धारा का इजाफा किया जाएगा और आरोपियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी आगे मामले की जांच जारी है।

















