छिंदवाड़ा : स्कूल बना दिया, सड़क भूल गए — 7 साल बाद भी बच्चे खेतों की पगडंडी से जाते हैं पढ़ने।
बच्चों ने दिया धरना, तहसीलदार ने दिया मुरम का आश्वासन

छिंदवाड़ा / मेट्रो सिटी मीडिया
छिंदवाड़ा। जिला मुख्यालय से महज 7 से 10 किलोमीटर की दूरी पर बसे मेघा सिवनी गांव में एक ऐसी विडंबना सामने आई है जो पूरे प्रशासनिक तंत्र पर सवाल खड़े करती है। गांव के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को बने हुए करीब 6 से 7 साल हो चुके हैं — लेकिन आज तक उस स्कूल तक पहुंचने के लिए एक भी पक्की सड़क नहीं बनी। बच्चों को खेतों के बीच से गुजरती 1 से 1.5 किलोमीटर लंबी कच्ची पगडंडी पर रोज पैदल चलकर स्कूल पहुंचना पड़ता है। बारिश में यह पगडंडी कीचड़ का दलदल बन जाती है और कई बार बच्चों का सामना जहरीले सांप और जीव-जंतुओं से हो जाता है। कलेक्टर से लेकर सांसद तक आवेदन दिए गए — लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। आखिरकार थक-हारकर बच्चों ने धरना प्रदर्शन कर दिया।
7 साल में सड़क नहीं बनी
मेघा सिवनी का यह शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय 6 से 7 साल पहले बनाया गया था। स्कूल बना, बच्चे आने लगे — लेकिन सड़क कभी नहीं बनी। आज भी बच्चों को खेतों के बीच से गुजरने वाली संकरी कच्ची पगडंडी पर 1 से 1.5 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है।
यह पगडंडी सामान्य दिनों में भी असुविधाजनक है। लेकिन बारिश के मौसम में हालात बेहद खराब हो जाते हैं। पगडंडी कीचड़ और दलदल में तब्दील हो जाती है। बच्चे अपनी किताबें और बस्ते बचाते हुए कीचड़ में सने हुए स्कूल पहुंचते हैं। यूनिफॉर्म खराब होती है, पैर कट जाते हैं और मन टूट जाता है।
इस पगडंडी पर सबसे बड़ा खतरा है जहरीले सांप और अन्य जीव-जंतुओं का। खेतों और झाड़ियों के बीच से गुजरने वाले इस रास्ते पर कई बार बच्चों का आमना-सामना जहरीले जीवों से हो चुका है। यह महज परेशानी नहीं — यह मासूम बच्चों की जान का सवाल है।
बच्चों का धरना — व्यवस्था के लिए आईना
सालों की अनदेखी से थक-हारकर आखिरकार बच्चों ने धरना प्रदर्शन कर दिया। जब मासूम बच्चों को अपने पढ़ने के अधिकार के लिए सड़क पर उतरना पड़े — तो यह पूरे तंत्र के लिए शर्म का क्षण है।
तहसीलदार बोली — निजी भूमि है, मुरम डालेंगे
बच्चों के धरने के बाद तहसीलदार हेमंत प्रिया श्रीवास्तव मौके पर पहुंची । उन्होंने बताया कि —
- स्कूल तक जाने वाला रास्ता खेतों के बीच से होकर जाता है जो निजी भूमि है।
- फिलहाल भूमि मालिकों से बातचीत की जा रही है।
तत्काल राहत के तौर पर पगडंडी पर मुरम डालने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी ताकि बच्चों को आने-जाने में तुरंत कुछ राहत मिल सके।
मांग — पक्की सड़क, अभी और तुरंत
मेघा सिवनी के बच्चों की मांग एकदम स्पष्ट है — शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तक पक्की सड़क का तत्काल निर्माण। मुरम डालना अस्थायी राहत है — स्थायी समाधान चाहिए।





















