Metro City Mediaक्राइम

छिंदवाड़ा: SAK नर्सिंग कॉलेज पर बड़ा आरोप — बिना मान्यता प्रवेश दिया, फीस हड़पी, मांगने पर जान से मारने की धमकी।

Metro City Media

 

छिंदवाड़ा। जिले के काराबोह स्थित SAK मेमोरियल इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग साइंस और उसके डायरेक्टर रिजवान खान पर पीड़ित छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि शैक्षणिक सत्र 2022-23 में नर्सिंग काउंसिल की मान्यता न होने के बावजूद छात्रों को अंधेरे में रखकर प्रवेश दिया गया, मोटी फीस वसूली गई, मूल दस्तावेज जमा करवा लिए गए और जब 4 साल बाद छात्रों को धोखाधड़ी का पता चला तो फीस और दस्तावेज मांगने पर डायरेक्टर ने जान से मारने की धमकी दे दी। पीड़ितों ने तत्काल FIR दर्ज करने और मुआवजे की मांग की है।

बिना मान्यता के प्रवेश — 4 साल की बर्बादी

पीड़ित छात्रों के अनुसार सत्र 2022-23 में नर्सिंग काउंसिल द्वारा मान्यता न होने के बावजूद कॉलेज प्रबंधन ने छात्रों और उनके परिजनों को इस बात से अनजान रखकर प्रवेश दिया। प्रवेश के नाम पर टीसी, माइग्रेशन सहित मूल दस्तावेज जमा करवा लिए गए और मोटी फीस वसूल की गई।

इसके बाद 2 वर्ष तक विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा आयोजित नहीं की गई। वर्ष 2025 में जब अन्य कॉलेजों में नर्सिंग परीक्षाएं हुईं तब इस कॉलेज के छात्रों का न नामांकन फॉर्म भरा गया, न परीक्षा फॉर्म। जब छात्रों ने सवाल किया तो प्रबंधन ने “50 दिन में विशेष परीक्षा” का झूठा आश्वासन देकर गुमराह किया।

फीस मांगी तो मिली जान से मारने की धमकी

जब पीड़ित छात्र और उनके अभिभावक डायरेक्टर रिजवान खान के पास अपनी जमा फीस और मूल दस्तावेज वापस मांगने गए तो उन्होंने साफ इंकार कर दिया। आरोप है कि रिजवान खान ने छात्रों और अभिभावकों के साथ अभद्रता की, डराया-धमकाया और कहा — “तुम्हें जहां जाना है जाओ, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता” — और जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया।

4 साल का समय, भविष्य और पैसा — सब बर्बाद

इस धोखाधड़ी के कारण छात्रों के 4 वर्षों का बहुमूल्य समय पूरी तरह बर्बाद हो गया। परिवारों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी। फीस के अलावा 4 साल का हॉस्टल, भोजन और परिवहन खर्च भी डूब गया। लगातार मिल रही धमकियों और अंधकारमय भविष्य से छात्रों की मानसिक स्थिति अत्यंत खराब है।

जब कॉलेज मालिक रिजवान खान से बात करने की कोशिश की तो सामने आए प्रिंसिपल डॉ. देवेंद्र वर्मा — जिन्होंने खुद को कॉलेज का मालिक बताया। जब उनसे बिना मान्यता के प्रवेश देने, फीस हड़पने और छात्रों का भविष्य बर्बाद करने के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि “परीक्षा लेना यूनिवर्सिटी का काम है” — यानी जिमदारी से साफ पल्ला झाड़ लिया गया। लेकिन सवाल यह है कि जब नर्सिंग काउंसिल की मानता ही नहीं थी तो प्रवेश किसने दिया? फीस किसने ली? दस्तावेज किसने जमा करवाएं? और जान से मारने की धमकी किसने दी? इन सवालों का जवाब न रिजवान खान के पास है, ना कि देवेंद्र वर्मा के पास। पीड़ित छात्रों की FIR और मुआवजे की मांग अब भी लबित है।


Metro City Media

Metro City Media

CHHINDWARA MP STATE DIGITAL NEWS CHANNEL & ADVERTISER EDITOR - PARAKH MUKUND SONI CONTACT - 9424637011 CALL / WHATSAPP
Back to top button

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker