छिंदवाड़ा जिला अस्पताल में NICU हादसा: सांसद बंटी साहू ने किया निरीक्षण, बोले- ‘एक वॉर्मर में तीन बच्चे रखना गंभीर चिंता का विषय’

छिंदवाड़ा। जिला अस्पताल के NICU में वॉर्मर मशीन में शॉर्ट सर्किट के बाद लगी आग और तीन नवजातों के झुलसने की घटना के बाद सांसद बंटी विवेक साहू ने रविवार को अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने NICU सहित अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और घटना के कारणों को लेकर डॉक्टरों एवं अधिकारियों से जानकारी ली।
सांसद ने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जिस वॉर्मर में एक बच्चे को रखने की क्षमता थी, उसमें तीन नवजात रखे गए थे। उन्होंने मशीनों पर क्षमता से अधिक भार और लगातार संचालन को गंभीरता से लेते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए मशीनों का नियमित मेंटेनेंस और लोड की निगरानी जरूरी है।
सांसद ने कहा कि वे अपनी सांसद निधि से आवश्यक संख्या में नई वॉर्मर मशीनें उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से मशीनों की आवश्यकता की जानकारी देने को कहा। साथ ही पूरे अस्पताल में फायर सेफ्टी ऑडिट कराने और जरूरत पड़ने पर इंजीनियरों से सभी मशीनों की जांच कराने के निर्देश दिए।
- 30-40 सेकंड में बच्चों को सुरक्षित निकालने वाले स्टाफ की तारीफ
घटना के दौरान अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारियों द्वारा दिखाई गई तत्परता की सांसद ने सराहना की। उन्होंने कहा कि उपलब्ध वीडियो के अनुसार स्टाफ ने कुछ ही समय में बच्चों को वॉर्मर से बाहर निकाल लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। सांसद ने ऐसे कर्मचारियों को सम्मानित किए जाने की बात भी कही।
- नए अस्पताल में SNCU के 10 बेड पर भी सवाल
सांसद ने बताया कि निर्माणाधीन नए अस्पताल भवन में SNCU के लिए फिलहाल 10 बेड स्वीकृत हैं, जबकि वर्तमान में बच्चों की संख्या और रोटेशन इससे कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि इस क्षमता को बढ़ाने के लिए निर्माण एजेंसी और शासन स्तर पर अधिकारियों से चर्चा की जाएगी।
- बायोमेडिकल वेस्ट के निपटारे पर भी जताई चिंता
निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में बायोमेडिकल वेस्ट के उचित निपटारे और दुर्गंध की शिकायतों का मुद्दा भी सामने आया। सांसद ने अस्पताल प्रबंधन से बायोमेडिकल वेस्ट के नियमों के अनुसार नियमित और व्यवस्थित निपटारे को सुनिश्चित करने की बात कही।
- एक नवजात की मौत, दो का इलाज जारी
NICU हादसे में झुलसे तीन नवजातों को गंभीर हालत में जबलपुर रेफर किया गया था, जहां उपचार के दौरान एक बच्ची की मौत हो गई। सांसद के अनुसार, एक बच्चे को ICU से बाहर लाया जा चुका है, जबकि दूसरे बच्चे का उपचार जारी है। उन्होंने दोनों बच्चों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
सांसद ने कहा कि घटना बेहद दुखद है, लेकिन अब प्राथमिकता यह है कि अस्पताल में ऐसी घटना दोबारा न हो। उन्होंने सभी वार्डों की मशीनों, विद्युत व्यवस्था और फायर सेफ्टी की व्यापक जांच कराने पर जोर दिया।

















