छिंदवाड़ा में प्रशासनिक सख्ती: CM हेल्पलाइन पर लापरवाही पर वेतन कटौती, रोजगार-कौशल और गेहूं उपार्जन पर कलेक्टर का फोकस।

छिंदवाड़ा मेट्रो सिटी मीडिया डेस्क|
छिंदवाड़ा। 02 फरवरी 2026 को कलेक्टर कार्यालय छिंदवाड़ा में जिला प्रशासन की एक के बाद एक अहम बैठकों के जरिए कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन ने स्पष्ट कर दिया कि लापरवाही, ढिलाई और समय-सीमा की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सोमवार को आयोजित समय-सीमा प्रकरणों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक, जिला कौशल विकास समिति और जिला उपार्जन समिति की बैठकों में प्रशासनिक अनुशासन, रोजगार सृजन और किसान हितों को केंद्र में रखा गया।
समय-सीमा प्रकरणों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में जनवरी माह की सीएम हेल्पलाइन की 75 नॉट अटैंडेट शिकायतें सामने आने पर कलेक्टर श्री नारायन ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित सभी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस (SCN) जारी करने और एक-एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। साथ ही भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो, इसके लिए सीएम हेल्पलाइन प्रभारी को प्रशिक्षण आयोजित कराने के आदेश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि सभी अधिकारी प्रतिदिन शिकायतों की समीक्षा करें और उनका संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित करें। अगले माह सभी विभागों की ग्रेडिंग **80 प्रतिशत से ऊपर** रहनी चाहिए।
बैठक में छिंदवाड़ा-सिवनी हाईवे के गड्ढों की शीघ्र मरम्मत के निर्देश एनएचएआई को दिए गए, वहीं हर्रई बाईपास पर खड़े भारी वाहनों पर परिवहन विभाग को चालानी कार्रवाई जारी रखने को कहा गया। पीएमएफएमई योजना की धीमी प्रगति पर उप संचालक उद्यान को फटकार लगाई गई और जिले के सभी बैंकर्स की साप्ताहिक बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए। आंगनबाड़ी नियुक्तियों में लापरवाही पर सीडीपीओ पर कार्रवाई और आगे जिला कार्यक्रम अधिकारी की जवाबदेही तय करने के निर्देश भी दिए गए।
पेयजल को लेकर कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, जनपद सीईओ और सीएमओ को सख्त निर्देश दिए कि समस्या सामने आते ही तत्काल निराकरण किया जाए। मरजातपुर और सिंगारदीप की पेयजल समस्या पर लापरवाही पाए जाने पर पीएचई चौरई के सहायक यंत्री और संबंधित सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए। अवैध उत्खनन और परिवहन पर माइनिंग और राजस्व अमले को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
इसी दिन कलेक्टर श्री नारायन की अध्यक्षता में **जिला कौशल विकास समिति** की बैठक भी संपन्न हुई, जिसमें युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। पीएम कौशल विकास योजना, मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना, नेशनल अप्रेंटिसशिप योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि स्थानीय जरूरतों और उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण संचालित किए जाएं। पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत 6995 प्रशिक्षित आवेदकों को टूल किट वितरण और अप्रेंटिसशिप योजना में शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित जिला उपार्जन समिति की बैठक में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं उपार्जन और किसान पंजीयन प्रक्रिया तय की गई। शासन के निर्देशानुसार किसान पंजीयन 07 फरवरी से 07 मार्च 2026 तक होगा। किसान घर बैठे किसान एप से निःशुल्क पंजीयन कर सकेंगे, वहीं एमपी ऑनलाइन, सीएससी, लोक सेवा केंद्र और साइबर कैफे के माध्यम से भी पंजीयन की सुविधा रहेगी। कलेक्टर ने गिरदावरी में फसल, रकबा और किस्म की सही प्रविष्टि सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए, ताकि उपार्जन प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।
इन बैठकों के जरिए प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शिकायत निवारण, बुनियादी सुविधाएं, रोजगार और किसान हित सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। जहां एक ओर लापरवाह अधिकारियों पर सख्ती से प्रशासनिक जवाबदेही तय हुई है, वहीं युवाओं और किसानों के लिए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से भरोसा मजबूत हुआ है।


















