छिंदवाड़ा प्राइवेट बस स्टैंड बना जंगल राज , एजेंटों की गुंडागर्दी , महिलाओं से बदसलूकी , मनमाना किराया वसूली ।

🔴 छिंदवाड़ा मेट्रो सिटी मीडिया डेस्क|
शिवरात्रि के पावन पर्व पर चौरागढ़ और पचमढ़ी जाने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच छिंदवाड़ा प्राइवेट बस स्टैंड पर बस चालकों और एजेंटों की खुली मनमानी सामने आई है। शनिवार रात की घटना में यात्रियों से बदतमीजी, महिलाओं के साथ गाली-गलौज और मारपीट जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। यह पूरा घटनाक्रम बस क्रमांक **MP28P0579** से जुड़ा बताया जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार छिंदवाड़ा से भूराभगत और पचमढ़ी मार्ग पर बसें और फोर व्हीलर ही प्रमुख साधन हैं। इसी मजबूरी का फायदा उठाकर बस एजेंट यात्रियों से निर्धारित दर से अधिक किराया वसूल रहे हैं। बताया गया कि भूराभगत के लिए 200 रुपए और पचमढ़ी के लिए 400 रुपए तक किराया लिया जा रहा है, जबकि प्रशासन द्वारा किराया पहले से तय है।
यात्रियों का आरोप है कि बस स्टैंड पर एजेंट डराने-धमकाने के साथ मारपीट तक पर उतर आते हैं। महिलाओं के लिए सफर असुरक्षित होता जा रहा है। क्षमता से अधिक यात्रियों को बसों में ठूंसकर भरा जा रहा है, जिससे जान का खतरा बना रहता है। जांच के नाम पर प्रशासनिक अमला केवल औपचारिकता निभाता नजर आ रहा है।
स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि बसें स्टैंड से भरकर निकलने के बाद सत्कार तिराहे पर दोबारा रोकी जाती हैं, जिससे यातायात बाधित होता है। मौके पर तैनात यातायात पुलिस के उदासीन रवैये पर भी सवाल उठे हैं। रात के समय एजेंटों की बदसलूकी का वीडियो सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है।
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार कई बसों और फोर व्हीलर चालकों के पास आवश्यक दस्तावेज पूरे नहीं हैं। इसके बावजूद राजनीतिक दबाव और प्रशासनिक चुप्पी के चलते सख्त कार्रवाई नहीं हो पा रही है। इससे बस चालकों और एजेंटों के हौसले बुलंद हैं और नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।


















