छिंदवाड़ा : CMHO कार्यालय में रिश्वत का भंडाफोड़ 50 हजार लेते ही लोकायुक्त ने कंप्यूटर ऑपरेटर को दबोचा, अफसरों की भूमिका पर सवाल।
छिंदवाड़ा मेट्रो सिटी मीडिया डेस्क |
छिंदवाड़ा जिले के CMHO कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार एक बार फिर उजागर हुआ है। सोमवार दोपहर लोकायुक्त पुलिस जबलपुर की टीम ने कार्रवाई करते हुए पदस्थ कंप्यूटर ऑपरेटर जितेंद्र यादवशी को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग में लंबे समय से चल रही अवैध वसूली की शिकायत के बाद की गई।
लोकायुक्त सूत्रों के अनुसार, रोहनकला निवासी पदस्थ नर्सिंग ऑफिसर पुष्पा बरकड़े ने स्वास्थ्य विभाग में अपनी पदस्थापना को लेकर लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी। पुष्पा किडनी संबंधी गंभीर बीमारी और दिव्यांगता से जूझ रही हैं। उन्होंने रोहनकला से छिंदवाड़ा स्थानांतरण के लिए आवेदन दिया था, जिसे कलेक्टर की जनसुनवाई में भी स्वीकार किया गया।
शिकायत के मुताबिक, CMHO कार्यालय में आवेदन प्रक्रिया के दौरान कंप्यूटर ऑपरेटर जितेंद्र यादवशी ने काम कराने के बदले पहले 20 हजार और बाद में 50 हजार रुपये की मांग की। पीड़िता का आरोप है कि जब उन्होंने कलेक्टर के आदेश का हवाला दिया, तो आरोपी ने कथित रूप से कहा कि “CMHO को पूरे पैसे चाहिए, कम में बात नहीं बनेगी।”
22 जनवरी को पुष्पा बरकड़े ने जबलपुर लोकायुक्त कार्यालय में लिखित शिकायत दी। शिकायत की प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। जैसे ही सोमवार को CMHO कार्यालय में आरोपी ने 50 हजार रुपये की रिश्वत ली, टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है और मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। दस्तावेजों और कॉल रिकॉर्ड्स की भी जांच की जा रही है।
सूत्रों का दावा है कि यह रिश्वतखोरी किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकती। विभाग से जुड़े कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की संलिप्तता की भी आशंका जताई जा रही है। लोकायुक्त की जांच अब इस दिशा में बढ़ रही है कि क्या कंप्यूटर ऑपरेटर किसी के इशारे पर यह वसूली कर रहा था।


















