छिंदवाड़ा : परासिया नपा अध्यक्ष विवादों के घेरे में, महिला से छेड़छाड़ केस ने बदली सियासत की तस्वीर।

🔴 छिंदवाड़ा मेट्रो सिटी मीडिया डेस्क |
परासिया। परासिया नगर पालिका अध्यक्ष विनोद मालवीय एक बार फिर गंभीर आपराधिक और नैतिक आरोपों के घेरे में आ गए हैं। महिला से कथित अश्लील संदेश भेजने और छेड़छाड़ के प्रकरण में पीड़िता द्वारा न्यायालय में धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराए जाने के बाद मामला निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। यह घटनाक्रम सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, विनोद मालवीय के विरुद्ध यह सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम के अंतर्गत तीसरा मामला बताया जा रहा है। इससे पूर्व एक आईटी एक्ट प्रकरण में उन्हें न्यायिक हिरासत का सामना करना पड़ा था, जबकि दूसरा मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। विधि विशेषज्ञों का कहना है कि समान प्रकृति के अपराधों की पुनरावृत्ति होने पर कानून में सख्त सजा का प्रावधान है।
इतना ही नहीं, विनोद मालवीय का नाम सट्टा अधिनियम से जुड़े मामलों में भी सामने आ चुका है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, थाना परासिया और थाना चांदामेटा में उनके खिलाफ सट्टा एक्ट के तहत कुल तीन प्रकरण दर्ज हो चुके हैं। इसके अलावा, पूर्व में चांदामेटा थाने में आबकारी अधिनियम के अंतर्गत भी मामला दर्ज होने की पुष्टि हुई है, जो उनकी पृष्ठभूमि पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
लगातार सामने आ रहे आपराधिक मामलों और पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचने के मद्देनज़र भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा कदम उठाते हुए विनोद मालवीय को पार्टी विरोधी आचरण और अनुशासनहीनता का दोषी मानते हुए छह वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। पार्टी के इस फैसले को राजनीतिक संरक्षण समाप्त होने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
नगर पालिका अध्यक्ष जैसे संवैधानिक और गरिमामय पद पर रहते हुए लगे इन आरोपों से परासिया नगर में भारी जनआक्रोश व्याप्त है। पीड़िता के न्यायालयीन बयान के बाद स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों द्वारा तत्काल गिरफ्तारी और पद से इस्तीफे की मांग तेज हो गई है। प्रशासनिक स्तर पर भी मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच पर करीबी निगरानी रखी जा रही है।
फिलहाल, सभी प्रकरणों में आगे की कार्रवाई पुलिस जांच, न्यायालयीन प्रक्रिया और साक्ष्यों के आधार पर तय की जाएगी।


















